Kohramlive : शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर (सोमवार) से हो रही है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना होती है। भक्तजन इस दौरान व्रत रखकर मां दुर्गा को प्रसन्न करते हैं। व्रत रखने वाले लोगों के लिये सबसे बड़ी चिंता होती है कि पूरे दिन एनर्जी कैसे बनाये रखें। ऐसे में फलाहार का सही चुनाव बहुत जरूरी है। व्रत के दिनों में फलाहार शरीर को पोषण देने के साथ-साथ पचने में भी आसान होता है। सूखे मेवे, दूध, दही, फल और साबूदाना जैसे खाद्य पदार्थ एनर्जी और हाइड्रेशन दोनों बनाये रखते हैं। यहां हम आपके लिये दिनवार एक आसान और हेल्दी फलाहार लिस्ट लेकर आए हैं, जिसे आप नवरात्रि के नौ दिनों में अपना सकते हैं।
दिन 1 – मां शैलपुत्री
- साबूदाना खिचड़ी
- उबले आलू
- फलों का जूस
- सूखे मेवे
दिन 2 – मां ब्रह्मचारिणी
- कुट्टू के आटे का पराठा
- सेंधा नमक वाली आलू की सब्जी
- फलों का सलाद
- दूध
दिन 3 – मां चंद्रघंटा
- राजगिरा का हलवा
- ताजे फलों का रस
- बादाम, काजू जैसे सूखे मेवे
दिन 4 – मां कुष्मांडा
- साबूदाना उपमा
- उबले आलू
- कद्दू की सब्जी
- दही या दूध
- फलों का सलाद
दिन 5 – मां स्कंदमाता
- कुट्टू की रोटी
- आलू या कद्दू की सब्जी
- फलों का जूस
- सूखे मेवे
दिन 6 – मां कात्यायनी
- साबूदाना खिचड़ी
- आलू की सब्जी
- फलों का रस
- नारियल का लड्डू या हल्की मिठाई
दिन 7 – मां कालरात्रि
- राजगिरा पराठा
- फलों का सलाद
- दूध या दही
- किशमिश, काजू जैसे सूखे मेवे
दिन 8 – मां महागौरी
- कुट्टू के आटे का पराठा
- आलू या कद्दू की हल्की सब्जी
- फलों का जूस
- दही या मलाई
दिन 9 – मां सिद्धिदात्री
- साबूदाना खिचड़ी
- उबले आलू
- ताजे फल
- मूंगफली की चटनी
- सूखे मेवे
फलाहार बनाते समय ध्यान रखें
- सेंधा नमक का ही प्रयोग करें।
- घी या तेल का इस्तेमाल कम करें।
- ताजे फल और दूध-दही को ज्यादा से ज्यादा शामिल करें।
- खाना बनाने और खाने से पहले साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें।
इन नौ दिनों का व्रत सिर्फ शरीर की शुद्धि नहीं बल्कि मन की शक्ति का भी पर्व है। सही फलाहार अपनाकर आप पूरे नवरात्रि ऊर्जावान और स्वस्थ रह सकते हैं।









