Kohramlive : अश्विन माह की सबसे खास रात शरद पूर्णिमा, जिसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं के साथ पूर्ण रूप में दिखाई देता है और उसकी किरणों में अमृत तुल्य गुण होते हैं। इस दिन लोग चांदी के बर्तन में खीर बनाकर उसे चांदनी में रखते हैं और अगले दिन उसका सेवन करते हैं। इस वर्ष शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर को मनाई जायेगी। ऐसा माना जाता है कि इससे स्वास्थ्य लाभ होता है। इस दिन मां लक्ष्मी, चंद्र देव, शिव जी और हनुमान जी की पूजा करना शुभ माना जाता है। पीपल के पेड़ को जल चढ़ाना, लक्ष्मी मंदिर में इत्र और दीपक अर्पित करना, और चंद्रमा को दूध का अर्घ्य देना भी लाभकारी होता है। यह दिन दाम्पत्य जीवन की मधुरता और धन-समृद्धि के लिए विशेष होता है। ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा पर मांसाहार, शराब, क्रोध, और नकारात्मक सोच से बचना चाहिये। तामसिक भोजन न करें, सात्विक आहार लें। इस दिन जल की स्वच्छता और शांति का विशेष ध्यान रखें। उपवास करना और व्रत कथा सुनना पुण्यदायी माना गया है।
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