Gaya : गया में एक ही परिवार के तीन लोगों को सोये अवस्था में ही काट डाला गया। वहीं तीन बच्चों को लहूलुहान कर छोड़ दिया। हैरत की बात यह है कि इस भयानक कांड को अंजाम देने के बाद कातिल बड़े आराम से घर में ही बैठा रहा। सनसनीखेज इस ट्रिपल मर्डर की वारदात की फैली खबर के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सबसे पहले हत्यारे रघु मांझी को अपने काबू में किया। इस ट्रिपल मर्डर में इस्तेमाल खून से सने खंती, गड़ासा और शर्ट जप्त किया। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़ा गया हत्यारा कोई बेगाना नहीं घर का दामाद ही हैं। घर में एक महिला और एक बच्चे की डेड बॉडी मिली। वहीं हॉस्पिटल ले जाते समय एक और महिला मर गयी। बाकी 3 को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफ़र किया गया है। इल्जाम है कि रघु मांझी ने अपनी पत्नी गोरकी देवी को भी नहीं छोड़ा। उसे भी अधमरा कर दिया। दिल को झकझोर देने वाली यह वारदात गया के रामपुर भुंंईटोली गांव में हुई। गिरफ्तार रघु मांझी गया के ही मानपुर पोखरा गांव का रहने वाला है। मौका-ए-वारदात पर पहुंचे रामपुर के थानेदार रवि कुमार का कहना है कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रघु मांझी ने ऐसा क्यों किया। भोर में पांच बजे के करीब सूचना मिली की रामपुर भुंंईटोली में बड़ी वारदात हो गयी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने सबसे पहले हत्या के संदेही गुनाहगार रघु मांझी की अपनी गिरफ्त में ले लिया। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच पड़ताल कर रही है। हत्या के पीछे के कारण तक पुलिस पहुंचने के प्रयास में जुटी है।
घटना के संबंध में आसपास के कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि रघु मांझी अपने ससुराल में ही रहता था। बीती रात उसने स्वर्गीय साला मुन्ना मांझी की बेवा सहित परिवार के 5 सदस्यों पर अंधाधुंध प्रहार करना शुरू कर दिया। तब घर के ज्यादातर लोग सो रहे थे। उसने अपनी पत्नी गोरकी को भी नहीं छोड़ा। उसने बेवा गीता देवी के तीन बेटे लक्की कुमार, लेदा कुमार और चिंटू कुमार पर कातिलाना वार कर उन्हें लहूलुहान कर छोड़ दिया। रामपुर में हुये इस सामूहिक हत्याकांड के बाद गांव में मातम झा गया। कुछ लोगों का कहना था कि रघु मांझी नशेड़ी भी है। नशा करने के बाद वह अक्सर हैवान हो जाया करता हैं।
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