Delhi : दिल्ली एम्स में 13 साल से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हरीश राणा की ‘इच्छा मृत्यु’ प्रक्रिया अब दूसरे चरण में पहुंच गई है। पोषण के बाद अब उन्हें दिया जाने वाला पानी भी बंद कर दिया गया है। डॉक्टरों ने ट्यूब हटाई नहीं, बल्कि कैप लगाकर सप्लाई रोक दी है। सुप्रीम कोर्ट के 11 मार्च के निर्देश के बाद एम्स की विशेषज्ञ टीम इस पूरी प्रक्रिया को बेहद संवेदनशील और दर्द रहित तरीके से आगे बढ़ा रही है। पैलेटिव केयर के तहत हरीश को किसी तरह की पीड़ा न हो, इसका खास ध्यान रखा जा रहा है। इस बीच परिवार ने बड़ा फैसला लेते हुये अंगदान की सहमति दी है। हरीश की किडनी, दिल, पेनक्रियाज और अन्य अंगों की जांच की जा रही है, ताकि उनकी मौत के बाद कई जिंदगियों को नया जीवन मिल सके। डॉक्टरों के मुताबिक, निष्क्रिय इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया में यह कहना मुश्किल है कि सांसें कब तक चलेंगी, यह समय कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक हो सकता है। फिलहाल मुलाकात पर रोक है और पूरा मामला बेहद भावनात्मक व संवेदनशील मोड़ पर है।
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