RANCHI : हर तरफ उत्साह, उमंग और जश्न का माहौल। सरना स्थलों में पूरे विधि -विधान से “प्रकृति” पर्व की पूजा अर्चना की गई। सदियों से चली आ रही यह परंपरा बताती है कि प्रकृति पर्व सरहुल का आदिवासी समाज में अपना ही एक अलग महत्व है। रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा संकाय में आयोजित कार्यक्रम में Governor सीपी राधाकृष्णन ने मांदर बजाकर लोगों को सरहुल की शुभकामना दी। मौके पर सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि जनजातियों का गौरवशाली इतिहास रहा है। इनकी सभ्यता एवं संस्कृति अत्यंत ही समृद्ध रही है। हमारे जनजातियों की कला संस्कृति, साहित्य, परंपरा एवं रीति रिवाज की विश्वव्यापी पहचान है। यह प्रकृति प्रेमी हैं और यह इनके पर्व त्योहारों एवं अनुष्ठानों में झलकता है। सरहुल सिर्फ एक पर्व ही नहीं बल्कि मानव जीवन और प्रकृति के बीच अटूट संबंध का उदाहरण है। सरहुल यह संदेश देता है कि प्रकृति के बिना मनुष्य का अस्तित्व नहीं है।
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