कोहराम लाइव डेस्क : 16 फरवरी यानी मंगलवार को वसंत पंचमी का शुभागमन दिवस है। शीत की समाप्ति के बाद वसंत का आगमन प्रकृति के साथ ग्रहों की दशा और दिशा में भी परिवर्तन का सूचक है। वसंत पंचमी पर ही सुबह सूर्योदय के साथ बृहस्पति उदय हो जाएगा। इस कारण विद्या आरंभ संस्कार और अन्य शुभ कामों के लिए दिनभर शुभ मुहूर्त रहेगा। मां सरस्वती ज्ञान-विज्ञान की देवी कही जाती हैं, इसलिए 16 जनवरी को विद्यादायिनी की पूजा-अर्चना सुबह से ही शुरू हो जाएगी।
नए काम-काज के लिए मुहूर्त
वसंत पंचमी पर नए कामकाज की शुरुआात के लिए यह दिन उत्तम कहा जाता है। इस दिन विवाह के साथ ही मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा, घर की नींव, गृह प्रवेश, वाहन खरीदने, व्यापार शुरू करने आदि के लिए भी शुभ है। इस दिन अन्नप्राशन संस्कार भी किया जा सकता है।
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18 जनवरी को था पहला लगन मुहूर्त
ध्यातव्य है कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद शुभ काम शुरू हो जाते हैं, पर इस साल 19 जनवरी को गुरु तारा के अस्त हो जाने की वजह से विवाह सेबंधी शुभ मुहूर्त नहीं रहा। नए साल में पहला विवाह मुहूर्त 18 जनवरी को था। इसेलेकर पूरे साल में विवाह के 51 मुहूर्त हैं। जनवरी में गुरु और उसके बाद शुक्र ग्रह के अस्त हो जाने से अब विवाह मुहूर्त 22 अप्रैल से शुरू होंगे। पिछले साल की तुलना में इस बार 24 शादी मुहूर्त कम हैं।
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