spot_img

ईरान पहुंचा रूस का ‘प्रलय विमान’…

Date:

spot_img
spot_img

Kohramlive : पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात के बीच रूस की एक उड़ान ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रूस का अत्याधुनिक TU-214PU एयरबोर्न कमांड एयरक्राफ्ट तेहरान पहुंचा है। यह कोई सामान्य सरकारी विमान नहीं, बल्कि संकट और युद्ध जैसी परिस्थितियों में शीर्ष नेतृत्व के लिये तैयार किया गया विशेष कमांड विमान माना जाता है। रक्षा मामलों के जानकार इस उड़ान को केवल तकनीकी या नियमित मिशन नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। हालांकि रूस ने इस मिशन के उद्देश्य पर अभी तक विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। विश्लेषकों के अनुसार, यह उड़ान संकेत देती है कि रूस पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाये हुये है और ईरान के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को महत्व दे रहा है।

क्या होता है ‘डूम्सडे प्लेन’?

‘डूम्सडे प्लेन’ ऐसा विशेष विमान होता है, जिसे इस तरह डिजाइन किया जाता है कि यदि किसी देश पर बड़ा हमला हो जाये या युद्ध के कारण जमीन पर मौजूद कमांड सेंटर प्रभावित हो जायें, तब भी देश का सर्वोच्च नेतृत्व सुरक्षित रहकर सैन्य और प्रशासनिक फैसले ले सके। इसमें अत्यधिक सुरक्षित संचार प्रणाली, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम और संवेदनशील सरकारी संचार के लिये विशेष उपकरण लगे होते हैं। इसी वजह से इसे संकट की घड़ी में उड़ता हुआ कमांड सेंटर भी कहा जाता है।

TU-214PU की बड़ी खूबियां

रूस का TU-214PU अपने आप में बेहद खास विमान माना जाता है। अत्यधिक सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड संचार प्रणाली है। हवा में रहते हुये सैन्य और सरकारी कमांड का संचालन कर सकता है। लगभग 850 किलोमीटर प्रति घंटे की क्रूजिंग स्पीड है। एक बार में करीब 6500 किलोमीटर तक उड़ान भरने की क्षमता है। युद्ध या राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान मोबाइल कमांड सेंटर के रूप में उपयोग होता है।

आखिर तेहरान भेजने का मतलब क्या हो सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विमान की तैनाती कई संभावित उद्देश्यों से जुड़ी हो सकती है। यह उच्चस्तरीय सैन्य और राजनयिक समन्वय, सुरक्षित संचार या संकट प्रबंधन के लिये उपयोगी हो सकता है। हालांकि विमान के पहुंचने भर से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि रूस सीधे सैन्य कार्रवाई में शामिल हो गया है। इसके वास्तविक उद्देश्य पर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वहीं, अमेरिका, ईरान और इस्राइल के बीच जारी तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया की स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है। विभिन्न पक्षों की ओर से सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों के दावे किये जा रहे हैं, जबकि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां भी तेज बनी हुई हैं।

 

इसे भी पढ़ें : 4200 करोड़ में तैयार हुआ एक्सप्रेसवे, 35 मिनट में लखनऊ से कानपुर…

इसे भी पढ़ें : कुड़ू CHC में बिजली हुई गुल, जख्मी का इलाज टॉर्च की रोशनी में…

इसे भी पढ़ें : 20 लाख का ईनामी रीजनल कमांडर धराया, नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका…

इसे भी पढ़ें : खान सर को बड़ी राहत…

इसे भी पढ़ें : लाल, नीले, सफेद और पीले, रंगों में होते हैं रेलवे इंजन… जानें क्यों

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

कुड़ू CHC में बिजली हुई गुल, जख्मी का इलाज टॉर्च की रोशनी में…

Kohramlive : लोहरदगा के कुड़ू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)...

20 लाख का ईनामी रीजनल कमांडर धराया, नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका…

Ranchi : झारखंड पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम...

खान सर को बड़ी राहत…

Patna : पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में...

लाल, नीले, सफेद और पीले, रंगों में होते हैं रेलवे इंजन… जानें क्यों

New Delhi : भारतीय रेलवे की दुनिया अपने आप में...