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लाल, नीले, सफेद और पीले, रंगों में होते हैं रेलवे इंजन… जानें क्यों

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New Delhi : भारतीय रेलवे की दुनिया अपने आप में बेहद दिलचस्प है। रोजाना लाखों यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाने वाली ट्रेनों में आपने स्टेशन पर कई रंगों के इंजन जरूर देखे होंगे। कोई इंजन नीले रंग में दौड़ता नजर आता है तो कोई लाल, सफेद या पीले रंग में। अक्सर मन में सवाल आता है, क्या इन रंगों का कोई मतलब होता है या फिर ये सिर्फ खूबसूरती के लिये होते हैं? जवाब है, रंग कई बार इंजन के इस्तेमाल और पहचान से जुड़े संकेत जरूर देते हैं, लेकिन यह कोई पक्का संचालन नियम नहीं है। रेलवे के अलग-अलग जोन और लोको शेड समय-समय पर अपनी पेंट स्कीम अपनाते रहे हैं। इसलिये सिर्फ रंग देखकर इंजन की पूरी पहचान तय करना सही नहीं होता।

नीले इंजन: तेज रफ्तार ट्रेनों में दिखने वाले लोको

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नीले रंग के इंजन भारतीय रेलवे में सबसे ज्यादा नजर आने वाले इंजनों में शामिल हैं। कई WAP-5 और WAP-7 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव नीले रंग में दिखाई देते हैं। इनका इस्तेमाल कई बार राजधानी, शताब्दी और अन्य सुपरफास्ट ट्रेनों जैसी तेज गति वाली यात्री सेवाओं में किया जाता है। हालांकि हर तेज ट्रेन में केवल नीला इंजन ही लगे, ऐसा जरूरी नहीं है।

सफेद इंजन: आधुनिक इलेक्ट्रिक लोको की पहचान

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सफेद रंग की पेंट स्कीम वाले कई आधुनिक इलेक्ट्रिक इंजन भी रेलवे के बेड़े में शामिल हैं। इन्हें अक्सर हाई पावर इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रूप में देखा जाता है। लेकिन सफेद रंग का मतलब यह नहीं है कि वह इंजन हमेशा किसी एक खास श्रेणी की ट्रेन के लिये ही इस्तेमाल होगा।

लाल इंजन: रेलवे का पुराना और जाना-पहचाना रंग

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लाल रंग के इंजन भारतीय रेलवे में लंबे समय से इस्तेमाल होते रहे हैं। इन्हें मेल, एक्सप्रेस और अन्य यात्री ट्रेनों के साथ देखा जा सकता है। केवल लाल रंग देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि ट्रेन सामान्य पैसेंजर है या एक्सप्रेस।

पीला इंजन: पटरी की देखभाल में जुटे साथी

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पीले रंग के रेल वाहन या इंजन आमतौर पर ट्रैक निरीक्षण, मरम्मत और रखरखाव जैसे कार्यों में दिखाई देते हैं। ये नियमित यात्री ट्रेनों का हिस्सा नहीं होते, वहीं, रेलवे की तकनीकी और मेंटेनेंस टीमों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इंजन की असली पहचान रंग नहीं, मॉडल है

रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार किसी इंजन की क्षमता और काम का सही अंदाजा उसके रंग से नहीं, बल्कि उसके मॉडल और तकनीकी खूबियों से लगाया जाता है। जैसे,

  • WAP-7: यात्री ट्रेनों के लिए इस्तेमाल होने वाला इलेक्ट्रिक इंजन
  • WAG-9: मालगाड़ियों के लिए शक्तिशाली इलेक्ट्रिक इंजन
  • WDP-4: डीजल लोकोमोटिव श्रेणी का इंजन

यानी अगली बार जब स्टेशन पर कोई रंग-बिरंगा इंजन नजर आये, तो उसका रंग जरूर आकर्षित करेगा, लेकिन उसकी असली कहानी उसके मॉडल और काम में छिपी होगी।

 

 

 

 

 

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