UP : कभी लखनऊ से कानपुर का सफर जाम, धूल और इंतजार की कहानी सुनाता था। अब वही रास्ता रफ्तार, राहत और नये भरोसे की दास्तान लिखेगा। कल यानी 14 जुलाई से लाखों यात्रियों के लिये एक नई सुबह होगी, जब 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिये खोल दिया जायेगा। करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह आधुनिक छह-लेन एक्सप्रेसवे अब सपनों, कारोबार और रिश्तों को भी पहले से कहीं ज्यादा करीब ले आयेगा। वहीं,यह हाई-स्पीड और कंट्रोल्ड एक्सेस एक्सप्रेसवे है। इसलिये सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुये कुछ सख्त नियम भी लागू किये गये हैं। इस मार्ग पर केवल कार, जीप, बस, ट्रक और अन्य मोटर वाहन ही चल सकेंगे। जबकि बाइक, स्कूटर, ऑटो, विक्रम, ई-रिक्शा, ट्रैक्टर, साइकिल, पशु चालित वाहन और अन्य धीमी गति वाले वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। वहीं, मंगलवार से इस एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स भी प्रभावी हो जायेगा।
राष्ट्र को समर्पित हुआ एक्सप्रेसवे
सोमवार को उन्नाव के झाऊखेड़ा गांव में आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। लोकार्पण से पहले सभी अतिथियों ने NHAI की तकनीकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जहां एक्सप्रेसवे के निर्माण में इस्तेमाल हुई आधुनिक 3D तकनीक, विश्वस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की गई।
अब केवल 35 से 45 मिनट का सफर
हर दिन नौकरी, पढ़ाई, इलाज या कारोबार के सिलसिले में लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिये अब तक NH -27 पर जाम और भीड़ के बीच डेढ़ से दो घंटे का सफर करना पड़ता था। लेकिन एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यही दूरी महज 35 से 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। समय बचेगा, ईंधन बचेगा और सफर भी पहले से कहीं अधिक आरामदायक होगा।
उन्नाव की बदलेगी तस्वीर
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा उन्नाव को मिलने जा रहा है। गंगाघाट, बनी, करेर पतारी, कोरारी और अमरसस के पास बनाये गये आधुनिक इंटरचेंज अब उन्नाव, रायबरेली, लखनऊ और कानपुर के बीच आवाजाही को बेहद आसान बना देंगे। इससे स्थानीय व्यापार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को भी नई गति मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का नया कॉरिडोर भी है। कानपुर के चमड़ा, कपड़ा और औद्योगिक क्षेत्रों को लखनऊ के प्रशासनिक और IT हब से तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। माल ढुलाई आसान होगी, लागत घटेगी और नए निवेश की संभावनायें बढ़ेंगी। रोजाना अप-डाउन करने वाले हजारों परिवारों को भी समय और ईंधन दोनों की बड़ी बचत होगी।
एक नजर में एक्सप्रेसवे की 5 बड़ी बातें
- लंबाई: 63 किलोमीटर का आधुनिक छह-लेन एक्सप्रेसवे।
- लागत: लगभग ₹4200 करोड़।
- सफर: लखनऊ से कानपुर अब सिर्फ 35-45 मिनट।
- कनेक्टिविटी: उन्नाव, रायबरेली, कानपुर और लखनऊ को इंटरचेंज से सीधा लाभ।
- सुरक्षा: बाइक, ऑटो, ट्रैक्टर, ई-रिक्शा और साइकिल जैसे धीमी गति वाले वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध।
इसे भी पढ़ें : कुड़ू CHC में बिजली हुई गुल, जख्मी का इलाज टॉर्च की रोशनी में…
इसे भी पढ़ें : 20 लाख का ईनामी रीजनल कमांडर धराया, नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका…
इसे भी पढ़ें : खान सर को बड़ी राहत…
इसे भी पढ़ें : लाल, नीले, सफेद और पीले, रंगों में होते हैं रेलवे इंजन, जानें क्यों…
इसे भी पढ़ें : दुनिया के ये पांच खतरनाक सांप, एक डंक से जिंदगी पर लग सकता है ब्रेक…








