Ranchi : झारखंड पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के रीजनल कमांडर रविंद्र गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। लातेहार के चंदवा प्रखंड की लाधुप पंचायत स्थित बांडीटोला से हुई यह गिरफ्तारी पलामू और रांची प्रमंडल में सक्रिय माओवादी संगठन के लिये बड़ा झटका मानी जा रही है। रविंद्र गंझू पर झारखंड सरकार ने 15 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (BIA) ने 5 लाख रुपये का ईनाम घोषित कर रखा था। यानी उसकी गिरफ्तारी पर कुल 20 लाख रुपये का इनाम था।
अमित शाह की सभा वाले दिन हुये खूनी हमले का था मुख्य आरोपी
रविंद्र गंझू का नाम 22 नवंबर 2019 को पूरे राज्य में तब चर्चा में आया था, जब लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र के लुकुइया मोड़ के पास पुलिस दल पर घात लगाकर हमला किया गया था।संयोग से उसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चंदवा में जनसभा प्रस्तावित थी और सुरक्षा व्यवस्था के लिये बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। घात लगाकर किये गये इस हमले में चार पुलिसकर्मी शहीद हो गये थे। जांच में रविंद्र गंझू को इस वारदात का मुख्य साजिशकर्ता और आरोपी बनाया गया था। पुलिस के अनुसार, इस हमले में उसके साथ सुनील गंझू, फगुना गंझू और बैजनाथ गंझू समेत कई माओवादी शामिल थे। हमला सफल होने के बाद लूटे गये हथियारों के साथ लौटते समय रविंद्र गंझू ने अपने साथियों को बोदा तालाब के पास पांच-पांच हजार रुपये का ईनाम भी बांटा था।
55 से ज्यादा संगीन मामलों में दर्ज है नाम
रविंद्र गंझू लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र स्थित हेसला मौजा के बांडीटोला का रहने वाला है। उसके खिलाफ लातेहार, लोहरदगा, गुमला और आसपास के जिलों में हत्या, नक्सली हिंसा, हथियार लूट, रंगदारी, विस्फोट समेत 55 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। लंबे समय से वह सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां रविंद्र गंझू से लगातार पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि उससे माओवादी संगठन के सक्रिय नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों, विस्फोटकों के भंडारण और संगठन की गतिविधियों से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर आने वाले दिनों में कई इलाकों में छापेमारी की तैयारी भी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। उनसे संगठन से संभावित संबंधों को लेकर पूछताछ जारी है। जांच के बाद उनकी भूमिका स्पष्ट होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
माओवादी नेतृत्व को लगा बड़ा झटका
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी से पलामू और रांची प्रमंडल में सक्रिय माओवादी संगठन की नेतृत्व क्षमता को गहरा नुकसान पहुंचा है। पिछले कुछ वर्षों से लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों के कारण संगठन पहले ही कमजोर पड़ा है। ऐसे में एक ईनामी रीजनल कमांडर का गिरफ्तार होना सुरक्षा बलों की बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झारखंड में नक्सली गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी इसी सख्ती और लगातार कार्रवाई के साथ जारी रहेगा।
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