Pakur(Jaidev Kumar) : डिलीवरी केस को लेकर सदर अस्पताल गई प्रसुता रूपवान बीवी को वहां से रेफर कर दिया गया। लक्ष्मी नर्सिंग होम में सीजरियन ऑपरेशन के बाद गर्भवती रूपवान बीवी ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे के जन्म लेने के कुछ के देर बाद ही वह मर गई। इल्जाम है कि लक्ष्मी नर्सिंग होम प्रबंधन की लापरवाही और अनदेखी के चलते एक नवजात के सिर से ममता का आंचल छिन गया। प्रबंधन के रवैये से दुखी लोगों ने हंगामा किया। मौके पर जिला परिषद के उपाध्यक्ष अशोक भगत और हिरणपुर प्रखंड के उप प्रमुख मोहम्मद गनी पहुंचे। इस बात की जानकारी पाकुड़ के सिविल सर्जन तक गई। सिविल सर्जन के निर्देश पर DS डॉ एसके झा लक्ष्मी नर्सिंग होम पहुंचे। उन्होंने स्थानीय मीडिया और लोगों से कहा कि प्रथम दृष्टयां जाच से यह लापरवाही का मामला लगता है। लक्ष्मी नर्सिंग होम के संचालन को लेकर भी पूरी गाईड लाइन का अनुशरण नहीं किया गया है।इस बारे में सारी रिपोर्ट सिविल सर्जन को दे दी जायेगी। इसके बाद ही आगे की दिशा-दशा तय की जायेगी। वहीं जान गंवा देने वाली महिला की मां अलीमा बीवी ने कहा कि उनकी बेटी गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा उठने के बाद उसे सबसे पहले सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे डॉक्टरों द्वारा रेफर कर दिया गया। इसके बाद वह अपनी गर्भवती बेटी को लेकर लक्ष्मी नर्सिंग होम पहुंची। यह नर्सिंग होम पाकुड़ के गोविंदपुर गांव में है। शनिवार देर रात बेटी का सीजर के जरिये बच्चे का जन्म हुआ। बच्चे के जन्म के बाद ही उनकी बेटी मर गई। मां अलीमा बीवी का इल्जाम है कि लक्ष्मी नर्सिंग होम के प्रबंधन की लापरवाही और अनदेखी के चलते उनकी बेटी की जान चली गई।
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