UP : जिंदगी बेहतर बनाने के लिये थान सिंह ने अपना गांव छोड़ा था। उम्मीद थी कि गाजियाबाद की मिट्टी में सब्जियां उगेंगी, बच्चों का भविष्य संवरेगा और परिवार की मुश्किलें धीरे-धीरे कम होंगी। खेत में दिन-रात पसीना बहाकर वह अपने सपनों को सींच रहे थे। लेकिन मंगलवार की सुबह उसी खेत में ऐसा हादसा हुआ, जिसने उनकी दुनिया उजाड़ दी। पत्नी सत्यवती और बहू रूबी की करंट लगने से मौत हो गई। मां और भाभी को बचाने दौड़ी बेटी देवश्री भी झुलस गई। चार महीने पहले जिस रूबी को दुल्हन बनाकर घर लाया गया था, मंगलवार को उसी की अर्थी सास सत्यवती के साथ उठने की नौबत आ गई। एक परिवार की खुशियां बिजली के टूटे तार में उलझकर बिखर गईं।
गांव छोड़ा, ताकि बच्चों की जिंदगी संवर सके
बदायूं जिले के कादरचौक थाना क्षेत्र के खिरिया बारखपुर गांव के रहने वाले थान सिंह का परिवार पीढ़ियों से सब्जियों की खेती करता रहा है। गांव में पांच बीघा जमीन थी, लेकिन परिवार बढ़ने के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ती गईं। बच्चों की पढ़ाई, शादी और घर का खर्च पूरा करने के लिये उन्होंने वर्ष 2023 में गाजियाबाद का रुख किया। राजनगर एक्सटेंशन के भोवापुर क्षेत्र में झुग्गी बनाकर रहने लगे। मोरटी इलाके में ठेके पर जमीन लेकर सब्जियां उगाने लगे। पालक, मूली, लौकी और दूसरी सब्जियों की खेती ही परिवार की रोजी-रोटी का सहारा थी।सुबह खेत से सब्जियां तोड़ना, उन्हें ई-रिक्शा में भरना और फिर मंडी तक पहुंचाना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। पत्नी सत्यवती, बहू रूबी और बेटी देवश्री भी खेत में हाथ बंटाती थीं। पूरा परिवार मेहनत करता था, ताकि आने वाला कल आज से बेहतर हो सके।
चार महीने की गृहस्थी, एक पल में खत्म हुई खुशियां
थान सिंह की पत्नी सत्यवती ने करीब 32 वर्षों तक संघर्ष में उनका साथ निभाया। दोनों ने मिलकर बच्चों को बड़ा किया और परिवार को आगे बढ़ाने के लिये दिन-रात मेहनत की। बड़े बेटे जितेंद्र की शादी करीब ढाई वर्ष पहले भारती से हुई थी। उसके एक बेटा है। छोटे बेटे शिवम की शादी महज चार महीने पहले रूबी से हुई थी। नई बहू के आने से घर में खुशियों का माहौल था। दो महीने पहले रूबी भी अपने पति के साथ गाजियाबाद आ गई थी और सास के साथ खेत में काम करने लगी थी। मंगलवार सुबह करीब छह बजे सत्यवती, रूबी और देवश्री खेत में मूली उखाड़ने गई थीं। पुलिस के मुताबिक, खेत में बिजली का तार टूटा पड़ा था। बताया गया है कि रूबी खेत में पहुंचीं, तभी तार उनकी गर्दन से छू गया और वह करंट की चपेट में आ गईं। बहू को बचाने के लिये सत्यवती ने तार हटाने की कोशिश की, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गईं। मां और भाभी को तड़पता देख देवश्री उन्हें बचाने के लिये दौड़ीं। इसी दौरान तार उनके पैर से छू गया और वह दूर जा गिरीं। देवश्री की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। बांस की मदद से तार हटाया गया और तीनों को संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने सत्यवती और रूबी को मृत घोषित कर दिया। देवश्री को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इस हादसे के बाद गांव के लोगों में नाराजगी है।








