Ranchi(Kuldeep/Amitabh) : गोलियों से बुझाई गई ‘टाइगर’ की दहाड़, लेकिन आज सड़कों पर गूंज रहा था जनता का हुंकार। भाजपा नेता अनिल महतो उर्फ अनिल टाइगर की हत्या के विरोध में रांची पूरी तरह ठप हो गई। शहर की हर सड़क, हर चौराहा आज ग़ुस्से का अखाड़ा बन गया। बीते कल रांची के कांके चौक पर चलीं गोलियां और आज सन्नाटे में डूबी रही रांची। अनिल टाइगर’ की सरेआम हत्या के बाद पूरा शहर आज उबल पड़ा। दर्द, ग़ुस्सा और आक्रोश – हर गली, हर चौराहे पर सिर्फ यही दिखा। चारों ओर प्रदर्शन-रोड जाम होता रहा, पुलिस-प्रशासन माथापच्ची करती रही। राजनीतिक और गैर राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता और नेता सुबह से ही सड़कों पर उतरकर बंद को सफल बनाने में जुटे रहे। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने खुद सड़क मार्च कर विरोध जताया। स्कूल, दुकानें, बाजार, हाट – सब कुछ बंद रहा। सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी नहीं के बराबर रही। रांची पुलिस ने विरोध को देखते हुये भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव, भैरव सिंह समेत 50 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। भाजपा के दिग्गज नेता रघुवर दास एवं बाबूलाल मरांडी जमकर शासन-प्रशासन को कोसा। सरकार को निकम्मी बताते हुये नेताओं ने कहा कि झारखंड में अब अपराधियों का राज है। रांची के अपराधियों में पुलिस का कोई डर-भय नहीं रह गया। हेमंत सरकार में कानून-व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। दिग्गज नेताओं का इल्जाम था कि काबिल पुलिस अफसरों को किराने रखा गया है। राजधानी रांची में DIG तक की पोस्टिंग नहीं। कृपापात्र बने पुलिस अधिकारियों के जिम्मे दो-दो, तीन-तीन पद।
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