Kohramlive : बांग्लादेश की राजनीति में गुरुवार को बड़ा मोड़ आया, जब 17 साल के निर्वासन के बाद BNP के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान स्वदेश लौटे। उनकी वापसी ऐसे वक्त हुई है, जब देश में राजनीतिक अस्थिरता और चुनावी माहौल चरम पर है। ढाका के ‘300 फीट’ इलाके में हजारों समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया, जो BNP की सियासी ताकत का संकेत माना जा रहा है। पहले संबोधन में तारिक रहमान ने खुदा का शुक्र अदा किया और जनता के बीच लौटने को भावुक पल बताया। उन्होंने 1971, 1975 और 1990 के जन आंदोलनों का जिक्र करते हुये कहा कि बांग्लादेश की जनता ने हमेशा लोकतंत्र और संप्रभुता के लिए संघर्ष किया है।
उन्होंने कहा कि अब वक्त है जनता के लोकतांत्रिक और आर्थिक अधिकारों को वापस पाने का। छात्र नेता उस्मान हादी की मौत का उल्लेख करते हुये न्यायपूर्ण और मजबूत बांग्लादेश के निर्माण पर जोर दिया। तारिक रहमान ने कहा, “मेरे पास सपना नहीं, एक स्पष्ट योजना है,” और सभी धर्मों के साथ सुरक्षित, शांतिपूर्ण देश बनाने की बात कही, जिसमें युवा पीढ़ी की भूमिका अहम होगी। गौरतलब है कि, तारिक रहमान सुबह 11:40 बजे लंदन से ढाका पहुंचे थे। रैली के बाद वह अपनी मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से मिलने अस्पताल जाने वाले थे। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, उनकी वापसी आगामी चुनावों से पहले बांग्लादेश की राजनीति में नये समीकरण बना सकती है।




