पहले के कुछ नियमों में किए जा सकते हैं बदलाव
कोहराम लाइव डेस्क : भारतीय सेना (Indian Army) Military के जवानों और अफसरों को केंद्र की मोदी सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी में लगी हुई है। खबर है कि सरकार सेना के जवानों और अधिकारियों की रिटायरमेंट (Retirement)की उम्र बढ़ाने पर विचार कर रही है। चीफ डिफेंस ऑफ स्टाफ (CDS) बिपिन रावत ने सेना के तकनीकी विभाग के अधिकारियों और जवानों के रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सशस्त्र बलों में श्रमशक्ति को बनाए रखने के लिए रक्षा मंत्रालय अतिकुशल लोगों को लंबे समय तक साथ रखने की नीति पर काम कर रहा है। इसके तहत कुछ नियमों में बदलाव भी किए जा सकते हैं। इसके साथ ही, समयपूर्व रिटायरमेंट लेने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन के नियमों में संशोधन किया जाएगा। सूत्र के अनुसार ऐसा इसलिए भी किया जा सकता है, ताकि सेना में मानव संसाधन का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।
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कौन कितने एज में करेगा रिटायर
सीडीएस बिपिन रावत के प्रस्ताव के तहत कर्नल, भारतीय वायुसेना और नौसेना में समकक्ष अधिकारियों को रिटायरमेंट की मौजूद 54 साल की उम्र को बढ़ाकर 57 साल करने की योजना है। इसके अलावा, बिग्रेडियर और उनके समकक्ष अधिकारियों की मौजूदा रिटायरमेंट 56 साल की उम्र को बढ़ाकर 58 साल करने का प्रस्ताव है। मेजर जनरलों की मौजूदा रिटायरमेंट की उम्र 58 साल से बढ़ाकर 59 साल किया जा सकता है। इसके साथ ही, लेफ्टिनेंट जनरल की रिटायमेंट की आयु पहले की ही तरह 60 साल रहेगी। सीडीएस रावत के प्रस्ताव के अनुसार, रसद, तकनीकी और चिकित्सा विभाग में जूनियर कमीशन अधिकारियों और जवानों की रिटायमेंट की आयु बढ़ाकर 57 साल कर दी गई है। इसमें भारतीय सेना के ईएमई, एएससी और एओसी विभाग भी शामिल होंगे।
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