UP : अलीगढ़ हरदुआगंज थाना क्षेत्र के रहसूपुर गांव में एक सनसनीखेज वारदात हुई। जहां रिश्तों की डोर एक झटके में टूट गई, खून से सनी जमीन ने गवाही दी कि जब शक और शराब मिलते हैं, तो रिश्ते भी मौत का जश्न बन जाते हैं। बीती देर रात करीब 12 बजे, रहसूपुर गांव में 35 साल के बंटी और उसका ममेरा भाई देवराज उर्फ देवू साथ बैठकर शराब पी रहे थे। किसी बात पर दोनों में कहासुनी हुई और देखते ही देखते, बंटी ने पहले देवराज की पीठ में गोली दागी,
फिर फरसे से गला काट डाला। बदन पर कई वार किये गये। हत्या के बाद बंटी कहीं भागा नहीं। वो पूरी रात लाश के पास बैठा रहा, बगल में तमंचा और फरसा रखा था। सुबह नहाया, पूजा की, और फिर अपनी बेटी से कहा, “अब पुलिस को बुला लो…”पुलिस पहुंची, और उसने बंटी को उसी जगह से गिरफ्तार कर लिया, जहां उसने अपने ही रिश्ते को खत्म किया था।
उधार के पैसे बने मौत का कारण
परिवार अभी भी सदमे में है। देवराज के पिता का कहना है कि बंटी ने 5 लाख रुपये उधार लिये थे, जो लौटाये नहीं।देवराज पैसे मांगने आया था और वहीं उसकी जान ले ली गई। पुलिस रिकॉर्ड में बंटी नया नाम नहीं। 17 साल पहले एक हत्या के केस में वह 14 साल जेल में रह चुका है। पूछताछ में उसने पुलिस से कहा कि “देवराज मेरी जासूसी कर रहा था, इसलिए मैंने उसे मारा।” उसकी आवाज में न पछतावा था, न डर, बस वही ठंडापन, जो किसी रूह को भी कंपा दे।






