spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

JDU के अध्‍यक्ष बने आरसीपी सिंह, जानिए कौन हैं और कैसे बने नीतीश के विश्‍वासी

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

कोहराम लाइव डेस्‍क : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सबसे विश्‍वसनीय और भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी आरसीपी सिंह को जनता दल यूनाइटेड (JDU) का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है। JDU राष्ट्रीय कार्यकारिणी की रविवार को हुई बैठक में नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। इसके बाद JDU के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह को पार्टी का अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव दिया गया, जिसे सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया गया। यहां याद दिला दें कि अप्रैल 2016 में शरद यादव के JDU राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटने के बाद से ही नीतीश कुमार पार्टी के अध्यक्ष रहने के साथ-साथ मुख्यमंत्री के पद पर भी बने हुए थे।

इसे भी पढ़ें :बिहार के पांच शहरों को नगर निगम में किया गया Upgrade

जानकारी के अनुसार बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा के चुनाव में पार्टी की उम्मीद से खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी ली। नीतीश कुमार का मानना है कि मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी होने के कारण वह पार्टी को समय नहीं दे पा रहे हैं। पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए जदयू को फुल टाइम अध्यक्ष की जरूरत है। फुल टाइम अध्यक्ष मिलने से जदयू बिहार की तीसरे नंबर की पार्टी से पहले नंबर की पार्टी बन सकती है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक में कहा कि आरसीपी सिंह संगठन का काम काफी पहले से देख रहे हैं। वह संगठन महासचिव का पद भी संभाल रहे हैं। इसी से उन्हें अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव है। नीतीश कुमार के इस प्रस्ताव के बाद से आरसीपी सिंह के नाम पर मुहर लग गई।

कौन हैं आरसीपी सिंह

वर्तमान में आरसीपी सिंह JDU के राज्यसभा सांसद हैं। 62 वर्षीय आरसीपी सिंह मूल रूप से नालंदा के रहने वाले हैं। आरसीपी सिंह कुर्मी जाति से हैं और नीतीश कुमार भी कुर्मी समाज से ही आते हैं। सिंह को नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है। उनको पार्टी में नीतीश के बाद नंबर 2 का दर्जा हासिल है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले आरसीपी सिंह JDU के राष्ट्रीय महासचिव थे। साथ ही राजनीति में आने से पहले वो उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी रह चुके हैं।

इसे भी पढ़ें :प्रेमिका ने शादी से किया इनकार, प्रेमी ने चाकू से किए इतने वार…

जानिए आरसीपी सिंह कैसे बने नीतीश के विश्‍वासी

बताया जाता है कि 1996 में जब नीतीश कुमार केंद्र में अटल बिहारी वाजपेई सरकार में मंत्री थे, तो उसी दौरान उनकी नजर आरसीपी सिंह पर पड़ी। इस दौरान उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी आरसीपी सिंह केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के निजी सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। इसके बाद नीतीश कुमार जब रेल मंत्री बने तो उन्होंने आरसीपी सिंह को अपना विशेष सचिव बनाया। इसके बाद 2005 में जब बिहार विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने आरसीपी सिंह को दिल्ली से बिहार बुला लिया। 2005 से 2010 के बीच आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के प्रधान सचिव के तौर पर कार्यरत रहे। इस दौरान पार्टी में आरसीपी सिंह की पकड़ मजबूत हुई।

इसे भी पढ़ें :शादीशुदा प्रेमिका से रात के अंधेरे में मिल रहा था प्रेमी, पकड़ाया…और फिर

आरसीपी सिंह ने 2010 में आईएएस की सेवा से समय से पहले रिटायरमेंट ले लिया। इसके बाद नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया। मगर 2015 में लालू के साथ सरकार बनाने के दौरान आरसीपी सिंह पार्टी में हाशिए पर चले गए थे। हालांकि, 2016 में नीतीश कुमार ने दोबारा आरसीपी सिंह पर भरोसा जताया और उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया। 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर के जेडीयू से बाहर होते ही एक बार फिर से पार्टी में आरसीपी सिंह की पकड़ मजबूत होने लगी।

इसे भी पढ़ें :New Year में बिहार के लोगों को झटका दे सकती हैं बिजली कंपनियां

दबंग आईपीएस लिपि सिंह के पिता हैं आरसीपी सिंह

आरसीपी सिंह की एक दूसरी पहचान यह है कि वह दबंग आईपीएस अधिकारी और लेडी सिंघम के नाम से मशहूर 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी लिपि सिंह के पिता हैं। बताया जाता है कि आईएएस लॉबी में अपनी मजबूत पकड़ के कारण ही आरसीपी सिंह ने लिपि सिंह को बिहार में पोस्टिंग दिलवाई।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

बहन को बहुत समझाया, नहीं मानी तो मार डाला…

UP : कभी जिस भाई की कलाई पर बहन...

अमेरिका-ईरान रिश्तों में पिघली बर्फ, शांति समझौते पर डिजिटल मुहर…

Kohramlive : दशकों से अविश्वास, टकराव और तनाव की...

हजारीबाग में एक ही रात में 23 वांटेड धरा गये…

Hazaribagh : हजारीबाग के पुलिस कप्तान अमन कुमार के...

मैदान पर भड़के वैभव सूर्यवंशी, श्रीलंकाई खिलाड़ियों से हुई तीखी नोकझोंक…

Kohramlive : दांबुला में खेले गये भारत-ए और श्रीलंका-ए...