कानपुर के इस मंदिर में होती है Ravana की पूजा

Date:

spot_img
spot_img
  • डेढ़ सौ साल पुराना शिवाला क्षेत्र स्थित मंदिर में दशहरा पर है पूजा के आयोजन की है परंपरा
  • उत्‍तर भारत में यह एकमात्र मंदिर है, जहां है ऐसी परंपरा
  • विजयदशमी के दिन मंदिर के बाहर लगती है रावण भक्तों की लंबी कतार
  • साल में केवल एक दिन भक्‍तों के लिए खुलता है यह मंदिर

कोहराम लाइव डेस्‍क : Ravana की पूजा… अचरज में पड़ गए न। बात सही है। सामान्‍य रूप से हमारे समाज में रावण को बुराई के प्रतीक के रूप में ग्रहण किया जाता है। राम हमारे मर्यादा पुरुषोत्‍तम हैं। राम और रावण के बीच युद्ध सत्‍य और असत्‍य के बीच का युदध है। राम की विजय सत्‍य और मर्यादा की विजय है। और इसी विजय के उल्‍लास को दशहरा पर दर्शाते हुए हम रावण दहन करते हैं।

Ravana दहन का मतलब बुराई की पराजय। अच्‍छाई की विजय। अपने भीतर की सारी बुराइयों को दूर रहने का संकल्‍प। उत्‍तर भारत में बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में दशहरा मनाने की परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है। भारतीय विविधता की यह विशेषता है कि एक और उत्‍तर भारत में रावण का पुतला फूंक लोग बुराई पर अच्‍छाई की जीत का पर्व दशहरा मनाते हैं, वहीं दक्षिण भारत में लोग असुर देव के रूप में रावण की पूजा करते हैं। असुर जातियां रावण को भगवान के रूप में ग्रहण करती हैं। लेकिन उत्‍तर भारत में भी कहीं दशहरा पर रावण की पूजा की परंपरा है, तो यह हैरत की बात लगेगी ही।

जी हां, हम बात कर रहे हैं उत्‍तर प्रदेश के कानपुर के एक मंदिर की, जहां लंकापति रावण की पूजा की जाती है। हर वर्ष विजयदशमी के दिन कानपुर स्थित इस मंदिर के बाहर रावण भक्तों की लंबी कतार लगती है। करीब डेढ़ सौ साल पुराना यह मंदिर शिवाला क्षेत्र में है। इस मंदिर की खासियत यह है कि यह साल में केवल एक दिन भक्तों के लिए खुलता है।

इसे भी पढ़ें : प्यार, धोखा, भरोसे का खून… Tara के इश्क का अंजाम, मारा गया सेना का जवान (VIDEO)

दूर-दूर से आते हैं Ravana भक्‍त

हम जानते हैं कि विजयदशमी वाले दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। ठीक उसी दिन यहां रावण की पूजा करने के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। भक्तों का मानना है कि भगवान राम ने जब रावण का वध किया था, तब उन्होंने अपने छोटे भाई लक्ष्मण को रावण से आशीर्वाद लेने के लिए कहा था, क्योंकि रावण बहुत बड़े विद्वान और ज्ञानी थे।

इसे भी पढ़ें : Accident : कॉलेज का फॉर्म भरकर लौट रहे छात्र की सड़क हादसे में मौत

इसे भी पढ़ें : रेप के दोषियों और पैरवी करने वालों पर होगी सख्‍त कार्रवाई : DGP

इसे भी पढ़ें :

नर से मादा और मादा से नर, प्रकृति का ऐसा कमाल…

Kohramlive : प्रकृति की किताब में ऐसे कितने ही...

इस गांव में रहते हैं केवल 6 लोग, कहानी सुन रह जायेंगे दंग…

Kohramlive : भारत को गांवों का देश कहा जाता...

आखिर पैसेंजर और मालगाड़ी में अलग-अलग इंजन क्यों लगाये जाते हैं… जानें

Kohramlive : भारतीय रेलवे में हर दिन हजारों यात्री...

जब जुड़वां बहनों की आंखों ने आधार सिस्टम को ही उलझा दिया…

UP : दुनिया में कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं,...

Advertisement

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

नर से मादा और मादा से नर, प्रकृति का ऐसा कमाल…

Kohramlive : प्रकृति की किताब में ऐसे कितने ही...

इस गांव में रहते हैं केवल 6 लोग, कहानी सुन रह जायेंगे दंग…

Kohramlive : भारत को गांवों का देश कहा जाता...

आखिर पैसेंजर और मालगाड़ी में अलग-अलग इंजन क्यों लगाये जाते हैं… जानें

Kohramlive : भारतीय रेलवे में हर दिन हजारों यात्री...

जब जुड़वां बहनों की आंखों ने आधार सिस्टम को ही उलझा दिया…

UP : दुनिया में कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं,...