Jodhpur : नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे 86 साल के आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। जोधपुर हाईकोर्ट ने उनकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखते हुये सरेंडर करने का आदेश दिया है। फिलहाल आसाराम अंतरिम मेडिकल बेल पर हैं।
हालांकि कोर्ट ने उन्हें सामूहिक दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया, लेकिन अन्य गंभीर धाराओं में दोषसिद्धि और सजा कायम रखी। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की बेंच ने कहा कि गैंगरेप का आरोप साक्ष्यों से साबित नहीं होता, लेकिन बाकी आरोप पर्याप्त रूप से सिद्ध हैं। मामला 2013 में जोधपुर आश्रम में नाबालिग से दुष्कर्म का है। विशेष अदालत ने 2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे अब हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। वहीं, सह-आरोपी शिल्पी और शरतचंद्र को बरी कर दिया गया है।
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