Ranchi : स्नातक और स्नातकोत्तर की बैकलॉग डिग्रियों के लिए इन दिनों रांची विश्वविद्यालय में भारी भीड़ उमड़ रही है। JPSC समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में मूल प्रमाणपत्र की अनिवार्यता ने छात्रों को विवि के चक्कर लगाने पर मजबूर कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ महीने पहले डिग्री वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था शुरू करने का वादा किया था, लेकिन यह वादा अब तक कागज़ों में ही दफन है। नतीजा, छात्रों को घंटों कतार में लगना पड़ रहा है, बैंक से चालान भरने से लेकर फाइलों में हस्ताक्षर करवाने तक की पुरानी प्रक्रिया अब भी जस की तस है। छात्रों का आरोप है कि डिग्री लेने में दो से तीन हफ्ते लग जाते हैं। रविवार को भी विश्वविद्यालय खुला रहा, लेकिन भीड़ और अव्यवस्था बनी रही। धक्का-मुक्की की स्थिति ने छात्रों की परेशानियों को और बढ़ा दिया। विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू सुदेश कुमार साहू ने कहा कि अचानक डिग्री की मांग बढ़ने से दबाव बना है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऑनलाइन पोर्टल पर काम चल रहा है, जो जल्द शुरू किया जायेगा।
छात्रों की मांग: सब कुछ हो ऑनलाइन
छात्रों का कहना है कि अगर आवेदन से लेकर प्रमाणपत्र डाउनलोड तक की सुविधा एक ही पोर्टल पर मिले, तो यह भीड़ खत्म हो सकती है। दिल्ली, मुंबई और पटना जैसे शहरों की तर्ज पर रांची यूनिवर्सिटी को भी डिजिटल ट्रांजिशन करना होगा। शिक्षा विभाग के अनुसार राज्यभर के विश्वविद्यालयों को डिजिटल मोड में लाने की योजना पर काम चल रहा है। अगर रांची विश्वविद्यालय अपने वादे पर अमल करता है, तो आने वाले दिनों में यह तस्वीर बदल सकती है।










