अजब-गजब: उड़ते विमान में जन्मे बच्चे की कहानी है बेहद दिलचस्प… जानें

Date:

spot_img
spot_img

Kohramlive : धरती पर बच्चे का जन्म हो तो अस्पताल, शहर और देश, सब कुछ आसानी से दर्ज हो जाता है। लेकिन जरा सोचिये, अगर किसी बच्चे की पहली किलकारी अस्पताल में नहीं, बल्कि 10 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ते विमान में गूंज जाये तो? फिर सवाल उठता है, बच्चे का जन्मस्थान क्या होगा? उसकी नागरिकता किस देश की होगी? और जन्म प्रमाणपत्र कहां से बनेगा? यह सवाल सुनने में जितना फिल्मी लगता है, असल जिंदगी में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन इसका जवाब इतना सीधा नहीं है कि जिस देश के ऊपर विमान उड़ रहा था, बच्चा उसी देश का नागरिक बन गया।

सबसे पहले देखा जाता है विमान कहां था

उड़ते विमान में बच्चे के जन्म की स्थिति में कई कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बातों में यह शामिल हो सकता है कि बच्चे के जन्म के समय विमान किस देश के हवाई क्षेत्र में था, विमान किस देश में पंजीकृत है और बच्चे के माता-पिता किस देश के नागरिक हैं। यानी सिर्फ आसमान के ऊपर की लोकेशन देखकर नागरिकता तय नहीं हो जाती। जन्मस्थान और नागरिकता दो अलग-अलग कानूनी सवाल हैं। मान लीजिये कोई विमान श्रीलंका से अमेरिका जा रहा है और उसके रास्ते में भारतीय हवाई क्षेत्र पड़ता है। इसी दौरान विमान में बच्चे का जन्म हो जाता है। ऐसे मामले में सिर्फ भारतीय हवाई क्षेत्र में जन्म होने के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि बच्चे को स्वतः भारतीय नागरिकता मिल जायेगी। भारतीय नागरिकता के लिये Citizenship Act, 1955 और उससे जुड़े प्रावधान लागू होते हैं। बच्चे के माता-पिता की नागरिकता, जन्म की परिस्थितियां और अन्य कानूनी तथ्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं। भारत में एक साथ दोहरी नागरिकता की व्यवस्था भी सामान्य रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिये यदि किसी बच्चे को जन्म या माता-पिता की नागरिकता के आधार पर एक से अधिक देशों से नागरिकता का दावा बनता है, तो संबंधित देशों के कानून और भारत के नागरिकता कानून के प्रावधान देखे जायेंगे।

विमान किस देश का है, यह भी अहम

किसी विमान की अपनी एक राष्ट्रीयता और रजिस्ट्रेशन होता है। अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन से जुड़े नियमों के तहत विमान आम तौर पर उस देश की राष्ट्रीयता रखता है, जहां वह पंजीकृत है। इसी वजह से विमान में जन्मे बच्चे के मामले में केवल यह देखना पर्याप्त नहीं होता कि विमान उस समय किस देश के ऊपर उड़ रहा था। विमान की रजिस्ट्री और संबंधित देशों के नागरिकता कानून भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। कई देशों में नागरिकता का एक प्रमुख आधार वंश यानी माता-पिता की नागरिकता होता है। इसलिये यदि किसी भारतीय माता-पिता के बच्चे का जन्म अंतरराष्ट्रीय उड़ान के दौरान हो जाये, तो बच्चे की नागरिकता तय करने में माता-पिता की नागरिकता से जुड़े भारतीय कानून के प्रावधान भी महत्वपूर्ण होंगे। यानी आसमान में जन्म लेने का मतलब यह नहीं कि बच्चा अपने-आप उस देश का नागरिक बन जायेगा जिसके ऊपर विमान उड़ रहा था।

क्या ऐसा मामला पहले भी सामने आया है?

हां, उड़ान के दौरान बच्चों के जन्म के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में बच्चे की नागरिकता और जन्मस्थान का निर्धारण संबंधित देशों के कानूनों और घटना की परिस्थितियों के आधार पर किया गया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ान होने की वजह से मामला और पेचीदा हो सकता है। कई बार विमान के लैंड करने के बाद बच्चे और मां को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है और जन्म से संबंधित रिकॉर्ड तैयार किये जाते हैं। मान लीजिये भारत से ब्रिटेन जा रही फ्लाइट में एक महिला बच्चे को जन्म देती है। तो सिर्फ यह कहना कि “बच्चा ब्रिटेन जा रहा था, इसलिए ब्रिटिश नागरिक होगा” सही नहीं होगा। यह देखा जायेगा कि जन्म के समय विमान कहां था, विमान किस देश में पंजीकृत था, माता-पिता की नागरिकता क्या थी और संबंधित देशों के कानून इस मामले में क्या कहते हैं। यानी बच्चे की पहली नागरिकता का फैसला फ्लाइट के रूट से नहीं, बल्कि लागू कानूनों और परिस्थितियों से होगा।

गर्भवती महिलाओं की हवाई यात्रा का क्या नियम है?

गर्भावस्था में हवाई यात्रा के लिए एयरलाइंस की अपनी मेडिकल और यात्रा संबंधी शर्तें होती हैं। आमतौर पर गर्भावस्था के अंतिम चरण में एयरलाइंस डॉक्टर का प्रमाणपत्र, गर्भावस्था की अवधि और एयरलाइन की निर्धारित समय-सीमा के आधार पर यात्रा की अनुमति देती हैं या प्रतिबंध लगा सकती हैं। इसलिये यह कहना कि भारत में हर सात महीने या उससे अधिक गर्भवती महिला पर समान रूप से हवाई यात्रा प्रतिबंध लागू है, सही नहीं होगा। एयरलाइन और चिकित्सा संबंधी नियम अलग-अलग हो सकते हैं। उड़ते विमान में बच्चे की पहली सांस भले ही बादलों के बीच ली गई हो, लेकिन उसकी नागरिकता का फैसला हवा में नहीं होता। माता-पिता की नागरिकता, विमान की रजिस्ट्री, जन्म के समय विमान का हवाई क्षेत्र और संबंधित देशों के नागरिकता कानून—इन सभी को देखकर तस्वीर साफ होती है। यानी आसमान में जन्म लेने वाला बच्चा जरूर अनोखी कहानी लेकर दुनिया में आता है, लेकिन उसकी नागरिकता की कहानी कानून की किताबों में लिखी जाती है।

इसे भी पढ़ें :

सास की ह’त्या, पत्नी को किया ल’हुलू’हान…

Ranchi : रांची के नरकोपी थाना क्षेत्र के मंदरो...

सरकारी स्कूलों की रसोई में सेंधमारी, 19 सिलेंडर बरामद…

Ranchi : सरकारी स्कूलों की रसोई में बच्चों के...

जेल की सलाखों के बीच अधिकारों की बात…

Garhwa(Nityanand Dubey) : जेल की ऊंची दीवारों के भीतर...

आकाश आनंद ने तोड़ी चुप्पी, बोले, मायावती मेरी गुरु और बुआ मां हैं…

Delhi : बहुजन समाज पार्टी से जुड़े सियासी घटनाक्रम...

OpenAI ने लॉन्च किये 2 धांसू शॉपिंग फीचर्स…

Kohramlive : ऑनलाइन शॉपिंग में सबसे बड़ा सवाल अक्सर...

Advertisement

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

सास की ह’त्या, पत्नी को किया ल’हुलू’हान…

Ranchi : रांची के नरकोपी थाना क्षेत्र के मंदरो...

सरकारी स्कूलों की रसोई में सेंधमारी, 19 सिलेंडर बरामद…

Ranchi : सरकारी स्कूलों की रसोई में बच्चों के...

जेल की सलाखों के बीच अधिकारों की बात…

Garhwa(Nityanand Dubey) : जेल की ऊंची दीवारों के भीतर...

आकाश आनंद ने तोड़ी चुप्पी, बोले, मायावती मेरी गुरु और बुआ मां हैं…

Delhi : बहुजन समाज पार्टी से जुड़े सियासी घटनाक्रम...

OpenAI ने लॉन्च किये 2 धांसू शॉपिंग फीचर्स…

Kohramlive : ऑनलाइन शॉपिंग में सबसे बड़ा सवाल अक्सर...