Delhi : बहुजन समाज पार्टी से जुड़े सियासी घटनाक्रम के बीच आकाश आनंद ने लंबे समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। शुक्रवार को सोशल मीडिया के जरिये उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की। आकाश आनंद ने साफ कहा कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं और न ही आगे जायेंगे। उन्होंने बसपा को अपना परिवार बताते हुये पार्टी प्रमुख मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और ‘बुआ मां’ बताया। अपने संदेश में आकाश ने कहा कि राजनीति में उन्होंने जो कुछ सीखा है, वह मायावती से ही सीखा और जो भी किया, उनके मार्गदर्शन में किया।
‘बसपा मेरा परिवार है, कहीं और जाने का सवाल नहीं’
आकाश आनंद ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की खबरें और अफवाहें चल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं और भविष्य में भी ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने अपने संदेश में मायावती को संबोधित करते हुये कहा कि उनके लिये बसपा सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि परिवार है। अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाले जाने के फैसले का जिक्र करते हुये आकाश आनंद ने कहा कि वह मायावती के इस फैसले के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि रिश्ते अपनी जगह हैं, लेकिन मिशन उनसे बड़ा है। व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन के हित को रखना उनकी जिम्मेदारी है।आकाश ने यह भी कहा कि जिस समय मायावती की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था, उस वक्त वह खुद सोशल मीडिया से दूर थे और इसी वजह से वह उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाये। आकाश आनंद ने कहा कि उनकी चुप्पी को गलत समझा गया और इसी वजह से अलग-अलग तरह की अफवाहों को जगह मिली। उन्होंने मायावती से कहा कि अगर उनकी चुप्पी से उन्हें ठेस पहुंची है तो वह इसके लिये क्षमा चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह मायावती के नेतृत्व में दोबारा पार्टी और मिशन की सेवा करने का अवसर चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने आचरण और मेहनत के जरिये अपना विश्वास साबित करेंगे।





