कोहराम लाइव डेस्क : इंडिया में सभी वाहनों में FASTag की अनिवार्यता तय हो चुकी है। भविष्य में इसके बिना कोई वाहन चलाना संभव नहीं हो सकेगा। ऐसा लोगों की सुविधा के लिए ही किया गया है। ध्यातव्य है कि राहत देने के वास्ते इसकी अंतिम तरीख पहले ही कई दफे बढ़ाई जा चुकी है। अब केंद्र सरकार की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि 15 फरवरी के बाद वाहनों पर FASTag लगवाने की अंतिम तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी।
विंड स्क्रीन पर चिपकाने वाला स्टीकर है FASTag
FASTag एक प्रकार का स्टीकर होता है। इसे वाहनों की विंडस्क्रीन पर चिपकाना होता है। इसे चिपकाने के बाद Toll Plaza पर नकद लेन-देन के लिए किसी गाड़ी को रोकना नहीं पड़ेगा। यह एक नई तकनीक है, RFID (Radio frequency identification) तकनीक कहा जाता है। इसके माध्यम से ही FASTag काम करता है।
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2019 में की गई थी शुरुआत
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से वर्ष 2019 में FASTag सिस्टम को शुरू किया गया था। NHAI की मानें, तो टोल भुगतानों में FASTag की अभी हिस्सेदारी तकरीबन 75 से 80 प्रतिशत है। मतलब यह कि 100 में लगभग 80 वाहन FASTag का उपयोग हो रहा है। विभाग की ओर से इसे 100 परसेंट करना लक्ष्य है।
इस प्रकार हासिल कर सकते हैं FASTag
विभाग की ओर से ऐसा नियम बनाया गया है कि FASTag को कोई व्यक्ति अपने पहचान पत्र के साथ वाहन रजिस्ट्रेशन के दस्तावेजों को लेकर देश के कुछ टोल प्लाजा पर हासिल कर सकता है। इसे बैंक से भी खरीदा जा सकता हैं। लगभग हर बैंक में इसकी सुविधा है। इसे Paytm, Amazon से भी खरीदा जा सकता है।
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