कोहराम लाइव डेस्क : सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सड़क दुर्घटना को देखते हुए एक महत्वपूर्ण योजना पर काम कर रहा है। इस योजना के तहत दुर्घटना होने क बाद तुरंत घायल को इलाज मिल पाए, इसके लिए ऐसी तकनीक तैयार की जा रही है जिससे नेशनल हाइवे पर हादसा होने के बाद तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को खबर हो जाएगी।
इसके साथ ही ये व्यवस्था एंबुलेंस GPS System से लैस होगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इस समय सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई नई योजनाओं पर देशभर के NIT और IIT जैसे इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
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घायलों को तुरंत मिलेगा इलाज
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव गिरिधर अरमने द्वारा पता चला है कि रोड सेफ्टी के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स मैकेनिज्म पर काम किया जा रहा है। साथ ही एंबुलेंस, हॉस्पिटल और पुलिस कंट्रोल रूम के एक साथ जुड़ने से सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को तुरंत इलाज मिल पाएगा जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में भी सुविधा मिलेगी।गिरिधर अरमने के अनुसार दुर्घटना होते ही रियल टाइम इन्फॉर्मेशन मिलेगी। सड़क दुर्घटना के शिकार हुए लोगों के लिए जल्द ही कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम भी शुरू होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ इस मामले पर बात चल रही है।
नियमों से कम हुए हादसे
सितंबर, 2019 में मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों में संशोधन को सख्ती से लागू होने के बाद देशभर में सड़क दुर्घटनाएं कम हुई हैं। साल 2019 के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में 449,002 सड़क हादसे हुए, जिसमें 151,113 लोगों की मौत हुई। हालांकि, इससे पिछले साल जब मोटर व्हीकल अमेंडमेंट एक्ट नहीं लागू था, तब 3.86 प्रतिशत ज्यादा सड़क हादसे हुए थे।
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वाहन बनाने वाली कंपनियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानदंडों का पालन करने का निर्देश दिया गया है। सड़क हादसे रुक सकें इसलिए सड़कों की डिजाइनिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मंत्रालय का मानना है कि ट्राफिक नियमों का पालन ना करने पर मोटे जुर्माने के चलते सड़कों पर गाड़ी चलाते समय लोग सावधानी बरतने लगे हैं। जिससे सड़क हादसों में कमी आई है। हालांकि, अभी भी भारत सबसे ज्यादा सड़क हादसे वाले देशों में शामिल है।
कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम आने से पीड़ित परिवारों को सुविधा मिलेगी। यह योजना सुप्रीम कोर्ट की इच्छा के अनुसार लाई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि योजना लॉन्च होने के बाद सड़क हादसे के शिकार लोगों का ढाई लाख तक का इलाज मुफ्त हो सकेगा।
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