- दबंग कोयला तस्कर गणेश यादव के भट्टे में 20 दिन में 3 रेड
- 2400 टन से ज्यादा कोयला और 43 ट्रक जब्त
- थाना से ही छोड़ दिये गये पकड़े गये 7 लोग
- एक भी FIR नहीं हुआ दर्ज
Dhanbad (Pawan Thakur) : धनबाद के झरिया में सक्रिय कोयला माफियाओं ने अपनी ताकत और हुकूमत जता दी है। वहीं धनबाद पुलिस गुजरे 20 दिनों के अंदर 3 दफा ताबड़तोड़ छापेमारी कर चुकी है। अबतक कोयला से लदे 40 से ज्यादा ट्रक और 2400 टन से ज्यादा कोयला पकड़ा गया है। पर कोयला तस्करी बेखौफ अब भी जारी है। अबतक की कार्रवाई में चिह्नित हो चुके कोयला माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। यहां तक कि उनके खिलाफ एक एफआईआर तक दर्ज नहीं किया गया। सूत्रों का कहना है कि कोयला माफियाओं का तंत्र इतना मजबूत और तगड़ा है कि इसे भेद पाना बहुत मुश्किल। वैसे धनबाद के सिटी एसपी केवल गणेश भट्ठा में 3 बार रेड कर चुके हैं। न कोई पकड़ा गया और न ही किसी का कुछ बिगड़ा। केवल 4 मार्च की रात को 18 ट्रक और एक हजार टन कोयला पकड़ा गया था। वहीं, 10 मार्च को 5 ट्रक और 300 टन कोयला जब्त किया गया। इसी तरह झरिया के सुदामडीह थाना क्षेत्र में कोयले से लदे 14 ट्रकों को पकड़ा गया। यह सभी ट्रक पाथरडीह मोनेट वाशरी के रास्ते से बंगाल की ओर जा रहे थे।
अवैध कोयला कारोबार के धंधे से जुड़े एक तस्कर चुटकी भरे अंदाज में कहा कि… जिनकी जेब में रिश्वत की चाबी होती है, वो कभी हवालात में नहीं जाते। बाकी एक दो दिन ये सब चलेगा, फिर सब ठीक-ठाक हो जायेगा। धनबाद अपने कुछ अलग कारनामे के लिए ही मशहूर है। उसने कहा कि अगर वाकई में पुलिस कोयले की तस्करी रोकना चाहती है तो क्यों नहीं माफियाओं के खिलाफ ठोस और कारगर कार्रवाई करती है। केवल दिखावे के लिए यह छापेमारी है। माफियाओं से ताल्लुकात रखने वाले एक कथित पुलिस अधिकारी को इस काम में लगा दिया गया है। बहुत जल्द बेरोक और बेखौफ सबकुछ फिर से शुरू हो जायेगा। ऐसा नहीं है कि पुलिस को कोयला माफिया और उसके मददगारों के बारे में पता नहीं। पुलिस सबकुछ जानती है पर न जाने क्यों खामोश रहती है।
दबंग कोयला तस्कर गणेश यादव और उसके एक खास सहयोगी की सत्ता के गलियारों तक धमक है। शायद यही वजह है कि कुछ दिन पहले कोयला तस्करी में पकड़े गये 7 लोगों को एक पूर्व अधिकारी ने थाने से ही छोड़ दिया था। सूत्र बताते हैं कि हर रोज 30 से 35 गाड़ियां कोयला लाद कर इस रास्ते से निकलती है। प्रति ट्रक 55 हजार रुपये चढ़ावे के नाम पर बांट दी जाती है। ऊपर से नीचे सब गोटी सेट है। जहां कहीं कमी-बेसी या रोक टोक होती है, उसे तुरंत दूर करने का जुगाड़ गणेश यादव और उसके दबंग साथी के पास है। धनबाद से पैसा रांची तक आता है। रिटायर्ड एक बड़े पुलिस अधिकारी भी इन तस्करों पर खूब मेहरबान हैं।
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