Delhi : मानसून सत्र अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और संसद के बचे हुये दिनों में सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। NEET और छात्र आंदोलन के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में जमकर सियासी तकरार देखने को मिली। विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। बाद में राज्यसभा की कार्यवाही भी 11 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिये स्थगित कर दी गई। इसी बीच राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने UPI को लेकर चल रही चर्चाओं पर तस्वीर साफ कर दी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि UPI भुगतान पर कोई नया टैक्स या ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगाया गया है। राज्यसभा में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि विधेयक में UPI भुगतान पर किसी नये शुल्क का प्रावधान नहीं है। यानी आम आदमी के लिये मोबाइल से किया जाने वाला UPI भुगतान मुफ्त ही रहेगा।
सोना-चांदी से सरकार की तिजोरी में आये ₹10,463 करोड़
सोना, चांदी और प्लैटिनम पर बढ़े आयात शुल्क से सरकार को अच्छी-खासी कमाई हुई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि 13 मई से 2 अगस्त के बीच तीनों कीमती धातुओं से कुल 10,463 करोड़ रुपये का सीमा शुल्क मिला। इसमें सोना से ₹10,040 करोड़, चांदी से ₹328 करोड़ एवं प्लैटिनम से ₹95 करोड़ शामिल हैं।सरकार ने 13 मई से सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था। वहीं प्लैटिनम पर यह शुल्क 6.4% से बढ़ाकर 15.4% किया गया।
अखिलेश यादव ने छात्र आंदोलन और अयोध्या का मुद्दा उठाया
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने छात्र आंदोलन और अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदे के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहा है। उनका कहना था कि सरकार के पास अभी इन मुद्दों पर चर्चा के लिये समय है। अखिलेश यादव ने छात्र आंदोलन के दौरान युवाओं पर हुये कथित लाठीचार्ज का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के कथित दुरुपयोग पर भी सवाल उठाते हुये कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। वहीं, सपा सांसद डिंपल यादव ने भी छात्र आंदोलन को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री सदन में आकर बयान दें। उन्होंने छात्रों के खिलाफ कथित पैलेट गन के इस्तेमाल और हिंसा पर चर्चा की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने लोगों की आस्था से जुड़े चंदे के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई कर चुकी है और सख्त कानून के साथ फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था भी की गई है। उनके मुताबिक, सरकार गृह मंत्री के जवाब के लिये तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर भी नजर
मानसून सत्र के अब सिर्फ कुछ ही दिन बाकी हैं। ऐसे में महिला आरक्षण, परिसीमन और FCRA जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को लेकर सरकार की आगे की रणनीति पर नजर बनी हुई है।लेकिन संसद के भीतर फिलहाल छात्र आंदोलन, NEET और अन्य मुद्दों पर विपक्ष के विरोध ने कामकाज की रफ्तार पर ब्रेक लगा रखा है। सदन के भीतर नारे, बाहर सियासत और बीच में करोड़ों लोगों की नजर, मानसून सत्र का आखिरी दौर अब हर दिन नये राजनीतिक मोड़ की कहानी लिख रहा है।















