Delhi : अक्टूबर की हल्की ठंडक के बीच Delhi-एनसीआर की हवा एक बार फिर जहरीली होती जा रही है। बीते कल राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 170 दर्ज किया गया, जो “खराब” श्रेणी में आता है। यही वह मौसम है जब हल्की ठंड के साथ हवा में नमी और जहरीले तत्वों का स्तर बढ़ने लगता है और शहर पर धुंध की चादर तन जाती है। इससे पहले मंगलवार को AQI 211 और बुधवार को 201 दर्ज हुआ था, जो स्वास्थ्य के लिहाज से और भी ज्यादा खतरनाक माना जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की हवा asthma, bronchitis, सांस की बीमारी, हृदय रोग और फेफड़ों से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को बढ़ावा देती है। यह स्थिति बुज़ुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिये अधिक खतरनाक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि दिल्ली की हवा में ओजोन गैस का स्तर भी बढ़ गया है। ओजोन न सिर्फ फेफड़ों पर, बल्कि दिल, मस्तिष्क और प्रजनन स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल सकती है। प्रदूषण पर काबू पाने के लिये सरकार ने Commission for Air Quality Management द्वारा तैयार की गई ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण “ग्रेप-1” को लागू कर दिया है। इसके तहत निर्माण कार्यों पर पाबंदी, डीजल जनरेटरों के इस्तेमाल पर रोक, खुले में कचरा जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।
सावधानी बरतें
बाहर निकलते समय मास्क पहनें, सुबह और शाम के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, खिड़कियों को बंद रखें और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें, पानी का अधिक सेवन करें ताकि शरीर में नमी बनी रहे।












