Chouparan(Krishna Paswan) : चौपारण के बिगहा स्थित हनुमंत सेवा संस्थान मंदिर परिसर में 21 मई से महंत फलाहारी बाबा का चौथा बैकुंठ उत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ शुरू होगा। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां तेज हो गई हैं और भक्तों में खास उत्साह देखा जा रहा है। भक्तों के अनुसार फलाहारी बाबा का जीवन तप, साधना और भक्ति को समर्पित था। कहा जाता है कि उन्होंने जीवनभर कभी अनाज ग्रहण नहीं किया और दिन में केवल एक बार आलू का सेवन करते थे। बाकी समय वे भगवान श्रीराम और माता सीता की भक्ति व साधना में लीन रहते थे।
कई मंदिरों के निर्माण में निभाई अहम भूमिका
बताया जाता है कि बाबा ने इटखोरी भद्रकाली मंदिर समेत कई धार्मिक स्थलों के विकास और मंदिर निर्माण में योगदान दिया। उन्होंने अपने भक्त आनंद चंद्रवंशी के साथ मिलकर हनुमंत सेवा संस्थान परिसर के विभिन्न मंदिरों के निर्माण कार्यों का मार्गदर्शन भी किया। संस्थान से जुड़े कुमार राहुल ने बताया कि बैकुंठ उत्सव के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, हवन, धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे का आयोजन किया जायेगा। उत्सव में चौपारण, इटखोरी, बरही और कोडरमा समेत कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं का मानना है कि फलाहारी बाबा का जीवन सेवा, त्याग और सनातन संस्कृति के संरक्षण का प्रतीक था, जिसकी प्रेरणा आज भी लोगों को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
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