Dhanbad : दो भाइयों को बेरहमी से मौत के घाट उतारने वाले संतोष महतो को सजा-ए-मौत दी गई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश दशम नीरज कुमार विश्वकर्मा की अदालत ने पिछली सुनवाई के बाद संतोष को हत्या का दोषी करार दिया था। आज यानी 28 मार्च को अदालत ने फैसला सुनाया है। उसे फांसी की सजा सुनाई गई है। संतोष पर अपने सगे छोटे भाई प्रेम कुमार महतो और चचेरे भाई निवारण महतो के मर्डर का इल्जाम था।
सीनियर पब्लिक प्रोसेक्यूटर के अनुसार साल 2018 की 6 अप्रैल को मारे गये प्रेम कुमार महतो की बेवा लक्ष्मी देवी ने बरवाअड्डा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। संतोष महतो सहित चार लोगों पर हत्या का इल्जाम लगाया था। प्राथमिकी में बताया था कि घर के बंटवारे को लेकर पति प्रेम महतो और आरोपियों के बीच विवाद चल रहा था। संतोष चचेरे भाई के मर्डर के इल्जाम में जेल में बंद था। हाल ही जमानत पर छूट कर बाहर निकला था। जेल से आने के बाद संतोष अचानक घर में घुस आया और पति प्रेम कुमार पर तलवार से ताबड़तोड़ वार कर दिया। खून से लथपथ पति को हॉस्पिटल लेकर भागी, पर उन्हें बचा नहीं पाई।
पब्लिक प्रोसेक्यूटर ने बताया कि अपने चचेरे भाई निवारण महतो को भी संतोष ने बड़ी बेरहमी से मारा था। उसे भी तलवार से काट डाला था। निवारण महतो महुदा थाना क्षेत्र के तेलमच्चो का रहने वाला था। वह जमानत पर जेल से बाहर निकल आया था। बाहर आने के बाद उसने सगे भाई को भी मार डाला।
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