जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनियों के लाभ में Percent का इजाफा

Date:

spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो
  • इस अवधि में 1.60 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया मुनाफा
  • रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में दी जानकारी

कोहराम लाइव डेस्क : भारतीय कंपनियों का लाभ जुलाई-सितंबर तिमाही में 15 पर्सेंट (Percent) बढ़कर 1.60 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह अब तक का सर्वोच्च स्तर है। फायदे में बढ़त का कारण कच्चे माल की लागत में कमी तथा क्षमता का बेहतर इस्तेमाल है। इन दोनों कारणों से कंपनियों का मार्जिन(Margin) बढ़ा। यह जानकारी रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में दी है।

इसे भी पढ़ें :झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व AGM खड़गपुर से गिरफ्तार

800 कंपनियों की एनालिसिस

क्रिसिल ने 800 लिस्टेड कंपनियों की एनालिसिस कर यह बात कही है। इन कंपनियों के आधार पर यह फायदा बताया गया है। मंगलवार को जारी रिपोर्ट में क्रिसिल ने कहा कि ब्याज, टैक्स और संपत्ति की लागत में कमी से टैक्स से पहले का लाभ सितंबर तिमाही में 1.60 लाख करोड़ रुपये रहा है। यह किसी एक तिमाही में अब तक का सबसे उच्च स्तर है। इससे पहले जून तिमाही में कंपनियों का फायदा 1.02 लाख करोड़ रुपये था।

इसे भी पढ़ें :Bokaro के अनुराग का कमाल, हिंदी ओलंपियाड में देशभर में सेंकेड

कोरोना के बावजूद बढ़ा मुनाफा

कोरोना महामारी के कारण अर्थव्यवस्था में गिरावट के बावजूद कंपनियों का मुनाफा दूसरी तिमाही से बढ़ा है। हालांकि कुछ विश्‍लेषकों के नजरिये से यह फायदा एक असमानता को बढ़ावा देता है। क्रिसिल ने कहा कि क्षमता के बेहतर उपयोग, बिजली, ईंधन और कच्चे माल की लागत के बेहतर प्रबंधन से कंपनियों का फायदा बढ़ा है।

इसे भी पढ़ें :Tata Motors ने हरित भारत के लिए की ‘गो ग्रीन’ पहल…

ये सेक्टर हैं शामिल

क्रिसिल ने जिन लिस्टेड कंपनियों को अपने उदाहरण में लिया है उसमें बैंक, फाइनेंशियल और तेल एवं गैस कंपनियों को छोड़कर एनएसई के मार्केट कैपिटलाइजेशन का 85 पर्सेंट का प्रतिनिधित्व करने वाले क्षेत्र शामिल हैं। क्रिसिल के मुताबिक, सितंबर तिमाही में कच्चे माल की लागत में वृद्धि के बावजूद सकल रूप से परिचालन लाभ में एक पर्सेंट से अधिक सुधार हुआ है।

इसे भी पढ़ें :किसी एप के बिना भी Plane का Ticket बुक कराना हुआ…

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का प्रदर्शन ठीक नहीं

कर्मचारियों की लागत के हिसाब से देखा जाए तो मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी 370 कंपनियों के आकलन से इसमें 4 परसेंट की गिरावट का पता चलता है जो चिंता की बात है। सेवा क्षेत्र में मामूली वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनियों का फायदा बढ़ा है, लेकिन इस दौरान उनकी आय में बढ़ोतरी नहीं हुई है। कंपनियों की आय दूसरी तिमाही में स्थिर रही। पहली तिमाही अप्रैल-जून में कंपनियों की आय 29 पर्सेंट कम रही थी। आय में गिरावट के मामले में बड़ी कंपनियों की तुलना में छोटी कंपनियां सबसे ज्यादा प्रभावित रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष की पहली छमाही में जहां 400 छोटी कंपनियों की आय में 20 परसेंट से भी कम बढ़त रही है। वहीं शीर्ष 100 कंपनियों में से करीब 35 परसेंट की आय बढ़ी है।

इसे भी पढ़ें :रिकॉर्ड Highest स्तर पर पहुंच 1500 अंक टूटा सेंसेक्स

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

‘फोन पे’ में घूस लिया, DC ने किया सस्पेंड…

Garhwa : गढ़वा के DC पशुपति नाथ मिश्रा ने...

इन चीजों पर कपड़े फेंकने का मतलब तनाव को न्योता देना…

Kohramlive : घर लौटते ही शर्ट कुर्सी पर फेंक...

आसमान में दिखेगा ‘ब्लू माइक्रोमून’ का अद्भुत नजारा, जानें कब…

kohramlive : रात के आसमान को निहारने वालों के...

1 जून से बढ़ जायेगा बस किराया…

Bihar : बिहार सरकार ने यात्री बसों के किराये...

अवैध कोयला लदा 407 जब्त…

Ranchi(Kuldeep Tiwari) : रांची से सटे ओरमांझी में अवैध...