Ramgarh : श्रद्धा और आस्था की राह पर चला शशि कुमार, बिहार की राजधानी पटना से रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर में पूजा करने आया था। लेकिन किसे पता था कि ये सफर उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी। पूजा से पहले वह भैरवी नदी में स्नान करने गया पवित्रता की कामना थी, पर प्रकृति ने उसे अपनी गोद में समा लिया। तेज बहाव ने एक झटके में उसे नदी की गहराइयों में खींच लिया। स्थानीय लोग दौड़े, डुबकी लगाई, पर शशि कहीं नहीं मिला। पुलिस ने तत्परता दिखाई। रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ की 8 सदस्यीय टीम तेनुघाट से बुलाई गई। 5 घंटे तक भैरवी और दामोदर नदी की छानबीन हुई लेकिन शशि जैसे नदी में घुल गया हो।
परिवार की आंखों में सिर्फ सवाल बचे…
“हम पटना से मां के दर्शन करने आये थे…” ये शब्द शशि की बहन की हिचकियों में डूबे हुए थे। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। उम्मीद की डोर अब नदी के किसी कोने से एक खबर सुनने की बाट जोह रही है।
प्रशासन की चेतावनी फिर हुई दोहराई
रजरप्पा थाना ने दो टूक कहा भैरवी नदी में नहाना बेहद खतरनाक है। श्रद्धालुओं से बार-बार आग्रह किया गया है कि तेज बहाव के समय स्नान से बचें। गांव वालों से भी आग्रह किया गया है कि अगर युवक का कोई सुराग मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।








