spot_img
Monday, November 28, 2022
spot_img
spot_img
Monday, November 28, 2022
spot_img
spot_img

Related articles

spot_img
spot_img

रहस्यों से भरा हुआ है पाताललोक, आइए जानें कुछ रोचक तथ्य

spot_img
spot_img
- Advertisement -

नई दिल्ली : दुनिया रहस्यों से भरी पड़ी हैं । इनमें एक रहस्यमय स्थान पातालकोट, आपने ये कहते सुना होगा कि धरती के नीचे पाताललोक है। जहां राजा बलि रहते हैं, जिन्हें असुरों का राजा कहा जाता है। जबकि इस लोक में नागों का भी बसेरा  है। इस लोक का वर्णन सनातन धर्म ग्रंथों में विस्तार से बताया गया है। जबकि पातालकोट मध्य प्रदेश के छिड़वांदा जिले के तामिया में स्थित है। यह क्षेत्र ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों और हरे-भरे जंगलों से घिरा है। इस क्षेत्र में कुल 12 गांव है। जबकि इन गांवों में 2,000 से अधिक जनजातियां बसी हैं और गांवों के बीच की दूरी 3 से 4 किमी की दूरी पर स्थित है। जबकि यह पूरा क्षेत्र 20,000 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। ये आंकड़े पूर्व के हैं। अतः इनमें अंतर हो सकता है।

धार्मिक गाथा

- Advertisement -

पातालकोट में बहरिया और गोंड जनजाति के लोग रहते हैं। प्राचीन समय में दुर्गमता की वजह से इस जगह से संपर्क टूट गया था। हालांकि, आधुनिक समय में इस जगह का चारों तरफ से विकास हुआ है। फिलहाल तामिया क्षेत्र में स्कूल समेत सभी सरकारी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। बहरिया समुदाय के लोगों का मानना है कि मां सीता इस स्थान से ही धरती में समा गई थी। जबकि रामायण के समय में हनुमान जी भी इसी रास्ते से पाताललोक गए थे। जब उन्होंने प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण को अहिरावण के चुंगल से बचाया था।

इसे  भी  पढ़ें :Lalu का बड़ा बेटा तेजप्रताप छोटा बेटा तेजस्‍वी से एक साल छोटा, जानिये कैसे ?

रहस्यमयी पातालकोट

दोपहर के बाद सूर्य की रोशनी सतह पर नहीं पहुंच पाती है। इस वजह से पातालकोट में अंधेरा छा जाता है और अगली सुबह सूर्योदय के बाद ही उजाला होता है। जबकि पातालकोट  में एक नदी बहती है, जिसका नाम दूध नहीं है। इस घाटी की सबसे अधिक ऊंचाई 1500 फीट है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पाताललोक प्रवेश का यह इकलौता प्रवेश द्वार है।

इसे भी पढ़ें :Supreme Court ने झारखंड हाईकोर्ट के फैसले पर लगायी रोक

- Advertisement -
spot_img
spot_img
spot_img

Published On :

spot_img
spot_img

Recent articles

spot_img

Don't Miss

spot_img