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बच्चों की कुछ आदतों को Ignore ना करें माता-पिता

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नई दिल्ली:  बच्चों की कई बातों को माता-पिता अक्सर Ignore करते हैं। इससे माता-पिता को जरूर बचना चाहिए। चाणक्य ने कहा था, संस्कार ही बच्चों के व्यक्तित्व को निखारता है। बच्चों के अच्छे संस्कार एक अच्छे फ्यूचर का निर्माण करती हैं । माता-पिता को भी अपने व्यस्त जीवन में बच्चों की परवरिश पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चे ही अपने माता पिता के संस्कारों का दर्पण होते हैं।

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आज के दौर की हर जनरेशन अपने करियर को कामयाबी के शिखर तक पहुंचाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं।  उनके पास परिवार के साथ थोड़ी देर बात करने के लिए भी टाइम नहीं है। बच्चों को अच्छी जिंदगी और उच्च शिक्षा देने के लिए माता-पिता दोनों ऑफिस में अपना समय बिता रहे हैं। लेकिन इन सब के बीच उनके बच्चे अकेले बड़े होने लगते है, जिनके अंदर सही-गलत पहचान करने की समझ नहीं आ पाती है।  नतीजन बड़े होने पर वो संस्कारहीन, बिगड़ैल हो जाते है, जो फिर लाख कोशिश के बाद भी ठीक नहीं हो पाते हैं।

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बच्चों की कुछ गलत आदतों को नजरअंदाज न करें

पैसे कभी भी कमाएं जा सकते हैं लेकिन बच्चों के बचपन को दोबारा वापस नहीं लिया जा सकता है वहीं चाणक्य नीति में ऐसा कहा गया है कि माता-पिता को अपने बच्चों की कुछ गलत आदतों को कभी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। आचार्य कौटिल्य एक महान शिक्षक थे और वे बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार के महत्व को अच्छी तरह से जानते थे। चाणक्य नीति में ऐसा कहा गया है कि माता-पिता को अपने बच्चों की इन गलत आदतों को कभी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए।

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इन बातों का रखें ध्यान

अक्सर देखा जाता है कि बच्चे हर बात के लिए न कहते रहते हैं और जिद्द में सिर्फ अपनी बात मनवाते हैं।  माता-पिता का फर्ज बनता है कि वो बच्चों को प्यार से हर चीज समझाएं, उन्हें बताएं कि क्या सही है और क्या गलत।  इसके अलावा बड़ों की बात को ध्यान से सुनने और उन्हें मानने की आदत भी बच्चों में बनाएं।  वरना आगे चलकर बच्चे आपका कोई कहना नहीं मानेगा और फिर आपके पास अपने आप को कोसने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। चाणक्य के अनुसार बच्चों को महापुरुषों की कहानियां सुनानी चाहिए क्योंकि बच्चे कहानियों को बड़े ध्यान से सुनते हैं। ऐसे में वो महापुरुषों के जीवन से प्रेरित होंगे और उनके मार्ग पर चलने की कोशिश करेंगे।

झूठ बोलने की आदत पर टोकें

बच्चे झूठ बोल रहे हैं तो माता-पिता से बच्चे सच बोलें इस दिशा में उन्हें लगातार कार्य करना चाहिए।  बच्चों की झूठ बोलने की आदत उन्हें आगे चलकर गलत राह में ले जा सकती है। बच्चे बहुत मासूम होते हैं अगर उनमें किसी प्रकार की गलत आदत पनप रही है तो आपको उन्हें प्यार से समझाना चाहिए। नहीं समझ रहे है तो गुस्सा कर लें लेकिन हाथ न उठाएं। माता-पिता को अपने बच्चों की आदतों पर हमेशा से ध्यान देना चाहिए।

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