पलामू : चैनपुर थाना क्षेत्र के कोल्हुआ निवासी मिथिलेश दुबे के पुत्र नौसैनिक सूरज दुबे (24) को महाराष्ट्र के पालघर में जिंदा जला दिया गया। 90 फीसदी जले सूरज की शनिवार को मुंबई में मौत हो गई। जांच में चेन्नई से अपहरण करने की बात सामने आ रही है। उन्हें छोड़ने के एवज में 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। परिजनों ने बताया कि सूरज छुट्टी पर घर आया था। 30 जनवरी को वापस ड्यूटी पर कोयम्बटूर जाने के लिए घर से निकला था।
शाम 4:15 बजे रांची से हैदराबाद की फ्लाइट ली। वहां से उन्हें विमान से चेन्नई जाना था। हैदराबाद पहुंचने पर शाम पौने सात बजे घरवालों से उनकी आखिरी बार बातचीत हुई। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। अगले दिन भी जब घरवालों से सूरज का संपर्क नहीं हुआ। जिसके बाद परेशान परिजनों ने चैनपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। साथ ही एसपी, डीएसी, डीआईजी समेत कई अधिकारियों से सूरज को खोजने की गुहार लगाई। पलामू पुलिस ने हैदराबाद पुलिस से संपर्क करके जवान को ढूंढने की कोशिश शुरू की। इसी बीच जवान मुंबई में जख्मी हालत में मिला।
मृतक सूरज कुमार दूबे आईएनएस अग्रणी कोयंबटूर में लीडरशीप ट्रेनिंग एस्टेबलिस्मेंट में तैनात था। वह पिछले 6 दिनों से लापता था। शुक्रवार की देर शाम वह मुंबई के नाले से जख्मी हालत में मिला था। लेकिन नेवी के अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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बताया जाता है कि जवान सूरज कुमार दूबे मुंबई के पालघर से घायल हालत में मिला था। उसे डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल पालघर में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे नेवी हॉस्पिटल मुंबई रेफर कर दिया। लेकिन यहां रात करीब 1 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूरज अपने घर में तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता किसान हैं।
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पालघर के एसपी दत्तात्रय शिंदे ने मीडिया को बताया कि सूरज का 30 जनवरी को रात नौ बजे चेन्नई एयरपोर्ट से बाहर आते ही तीन लोगों ने अपहरण कर लिया। तीन दिन तक उन्हें चेन्नई में रखा। फिर 1400 किमी दूर पालघर ले गए। वहां से फिरौती मांगी गई। शुक्रवार को अपहर्ता उन्हें पालघर के जंगल में ले गए। हाथ-पैर बांध दिया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दे दी। मुंबई के अस्पताल में सूरज ने अपहरण की बात बताई थी।
सूरज के भाई ने जो बताया
सूरज के भाई ने बताया था कि चेन्नई एयरपोर्ट से वह ऑटो से एनएसजी कैंप के गया, जहां से उनका कोई अता –पता नहीं चला। 5 जनवरी को साढे 4 बजे मां को फोन आया कि आपका बेटा घायलावस्था में पालघर मुंबई में मिला है। पालघर के एक अस्पताल में उसे ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई। जेजे हॉस्पीटल से पता चला कि उसका 90 फीसदी बॉडी जला हुआ था। सूचना मिलने के बाद से परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।
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