Ranchi : रांची की शाम आज रंगों, संस्कृतियों और एकता के सुरों से सजी थी, राजभवन का प्रांगण आज सचमुच “मिनी इंडिया” बन गया, जहां देश के अलग-अलग कोनों की खुशबू एक साथ महक रही थी। शनिवार को झारखंड राजभवन में एक खास समारोह आयोजित किया गया, जहां पंद्रह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार, चंडीगढ़, दिल्ली, लक्षद्वीप और पुडुचेरी शामिल थे।
विविधता में एकता का जश्न
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा, भारत की ताकत उसकी एकता और विविधता में निहित है। हर राज्य की अपनी सुगंध है, अपनी पहचान है, आंध्र की संस्कृति, छत्तीसगढ़ की हरियाली, हरियाणा का खेल और खेत, कर्नाटक की तकनीकी प्रतिभा, केरल की साक्षरता और प्रगतिशील सोच, पंजाब की वीरता, तमिलनाडु की कला और संस्कृति, ये सब मिलकर भारत की तस्वीर को पूर्ण बनाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने की प्रेरणा है, एक ऐसा सूत्र जो कश्मीर की वादियों से लेकर कन्याकुमारी के तट तक देश को एक माला में पिरोता है। राज्यपाल ने 31 अक्टूबर का उल्लेख करते हुये कहा कि यह वही दिन है जब सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई जाती है और इसी दिन जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बने थे। अनुच्छेद 370 को हटाना समान अधिकार और अवसर की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था। उन्होंने आगे कहा कि भारत का असली सामर्थ्य उसकी संवेदना में है, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इसका उदाहरण है, एक ऐसा मिशन जिसने दुनिया को दिखाया कि भारत न केवल शक्तिशाली है, बल्कि मानवीय भी है।
समारोह में विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा, संगीत और नृत्य ने राजभवन के माहौल को सांस्कृतिक उत्सव में बदल दिया। हर प्रस्तुति मानो यह कह रही थी, “हम अलग-अलग हैं, पर दिल एक हैं।” राजभवन की उस शाम में सिर्फ दीप नहीं जले, बल्कि देशभक्ति और एकता के दीप हर दिल में टिमटिमाये। हर राज्य की कहानी एक नई रागिनी बन गई और भारत, उस रागिनी का सबसे सुंदर सुर। सच ही कहा राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने “हमारी विविधता ही हमारी पहचान है और यही पहचान हमें विश्वगुरु बनाती है।”












