Palamu (Rajesh Singh, Santosh Srivastava): मां-बाप का ख्वाब पूरा करना आयुष राज का मकसद बन गया। माता-पिता का सपना है कि बेटा एक बड़ा डॉक्टर बने। उनके सपने को साकार करने के लिए आयुष ने यूक्रेन के इवानो-फ्रैंकिवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी को चुना। बीते साल 2 दिसंबर को आयुष अपने पलामू स्थित घर से यूक्रेन के लिए रवाना हो गया। यूक्रेन पहुंचा और पूरे लगन-जतन के साथ डॉक्टरी की तैयारी करने लगा। 23 फरवरी तक उसके MBBS 1st कोर्स का एग्जाम चला। मम्मी-पापा को फोन कर बताया कि एग्जाम बहुत अच्छा गया। इसी बीच यूक्रेन और रूस में तनाव बढ़ गया। हालात को भांपते हुये भारत सरकार ने यूक्रेन में रह रहे भारतीयों को वापस लौटने की एडवाइजरी जारी कर दी। आयुष की फ्लाइट 25 फरवरी को थी। घर लौटने को बेताब आयुष एयरपोर्ट के लिए निकला ही था कि यूक्रेन बम और मिसाइल के धमाकों से दहल उठा। रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया। हर ओर चीख-पुकार मच गई। सारे फ्लाइट्स रद्द कर दिये गये। आयुष उस दिन नहीं लौट सका। यूक्रेन पर हमले की खबर से आयुष के घर में कोहराम मच गया। पिता अरविंद कुमार और मां को बेटे की चिंता सताने लगी। मां ने बताया कि आयुष 26 फरवरी को अपने कुछ दोस्तों के साथ रोमानिया बॉर्डर के लिए निकल पड़ा। उसने वहां से वीडियो बनाकर भी भेजा। उस वक्त ही उससे फोन पर आखिरी बार बात हुई थी। उसके बाद बेटे का फोन स्वीच ऑफ हो गया। उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा। बेटा कहां है, किस हालत में है, कुछ पता नहीं चल पा रहा है। माता-पिता ने बेटे को सुरक्षित वापस अपने वतन लाने की सरकार से गुहार लगाई है। सुनें क्या बोली यूक्रेन में फंसे आयुष राज की मम्मी और पापा
इसे भी पढ़ें : बिहार में PLFI का पैसा इन्वेस्ट करने में जुटा था “चूहा”, भोर के साढ़े 4 बजे ऐसे धराया… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें : इन 18 खूंखार व दुर्दांत का पता बताओ और बन जाओ लखपति
इसे भी पढ़ें : PLFI एरिया कमांडर ने मुंह खोला तो देखिये क्या बता गया…
इसे भी पढ़ें : झारखंड में कई IAS अधिकारी इधर से उधर, जानिये कौन कहां गये…
इसे भी पढ़ें : आतंक की गाथा लिखने वाले हार्डकोर उग्रवादी विमल ने डाला हथियार












