Kohramlive : सूरत चुनाव को लेकर राहुल गांधी के इल्जाम को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पूरा इतिहास बता दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘सूरत का चुनाव पहला नहीं है, जहां संसद का निर्विरोध चुनाव हुआ है। देश की आजादी के बाद से 35 उम्मीदवार संसद के लिए निर्विरोध चुने जा चुके हैं। एक बार फिर बिना पूरी जानकारी के टिप्पणी कर कांग्रेस के युवा नेता ने एक बार अपने मशहूर निकनेम को सार्थक किया है।’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘उनकी लोकतंत्र में आस्था तब मजबूत होगी, जब उन्हें पता चलेगा कि निर्विरोध चुने गए 35 उम्मीदवारों में से आधे कांग्रेस के थे। साजिश रचने का उनका विश्वास उस वक्त डिगेगा, जब उन्हें पता चलेगा कि उनके गठबंधन के नेता डॉ. फारुख अब्दुल्ला 1980 में और डिंपल यादव भी 2012 में निर्विरोध चुनी जा चुकी हैं। सूरत चुनाव को लेकर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि ‘तानाशाह की असली सूरत एक बार फिर देश के सामने है। जनता से अपना नेता चुनने का अधिकार छीन लेना बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान को खत्म करने की तरफ बढ़ाया एक और कदम है। मैं एक बार फिर कह रहा हूं कि यह सिर्फ सरकार बनाने का चुनाव नहीं है, यह देश को बचाने का चुनाव है, संविधान की रक्षा का चुनाव है।’
यहां याद दिला दें कि सूरत लोकसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार नीलेश कुंभाणी का पर्चा रद्द हो गया था। वहीं नामांकन के आखिरी दिन 8 उम्मीदवारों ने अपनी उम्मीदवारी से नाम वापस ले लिया था। ऐसे में भाजपा उम्मीदवार मुकेश दलाल चुनाव की रेस में एकमात्र उम्मीदवार बचे, जिसके बाद उन्हें निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया गया।









