कोहराम लाइव डेस्क : सामान्यत: पहले 40 की उम्र के बाद होती थी डायबिटीज यानी Sugar की बीमारी। आधुनिक लाइफ स्टाइल ने इसे दुनिया में किसी भी उम्र के लिए आम बना दिया है। हमारे भारत में भी अब सिर्फ बूढ़े नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी भी तेज़ी से इसकी शिकार हो रही है। आज के समय में डायबिटीज़ एक गंभीर बीमारी बन चुकी है। इसको Slow killer भी माना जाता है। इसका कोई कारगर इलाज नहीं है। इसे आप अपने खाने और रहन-सहन में बदलाव से ही कंट्रोल में रख सकते हैं। यह एक ऐसी बीमारी बन चुकी है, जो शरीर के दूसरे अंगों पर असर डालती है। इसस किडनी, लिवर और हार्ट भी प्रभावित होते हैं।
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एक आम धारणा ये है कि ज़्यादा मीठा खाने से डायबिटीज़ हो जाती है। सच यह है कि सिर्फ मीठा खाना ही इस बीमारी की वजह नहीं है। इसके पीछे और भी कई कारण हो सकते हैं। चलिए आज जानते है कि किन कारणों से होती है डायबिटीज़।
कैसे होती है Sugar की बीमारी
डायबिटीज़ दो तरह की होती है- टाइप-1 और टाइप-2। जब शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र इन्सुलिन पैदा करने वाली कोशिकाओं को ख़त्म कर देता है, तो उसे टाइप-1 डायबिटीज कहा जाता है। टाइप-2 डायबिटीज़ में शरीर के अंदर इन्सुलिन का निर्माण तो होता है, पर शरीर की आवश्यकता के अनुसार नहीं होता। पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन न बनने की वजह से शरीर में शुगर लेवल बढ़ जाता है।
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डायबिटीज़ के हैं ये 5 कारण
- जब शरीर की पेंक्रियाज़ ग्रंथी सही तरीके से काम नहीं करती है, तब भी ऐसी परेशानी होती है। असल में इस ग्रंथी से कई हार्मोंस निकलते हैं, इन्हीं में इंसुलिन और ग्लूकागोन भी हैं। इंसुलिन शरीर के अन्य भागों में शुगर पहुंचाने का काम करता है। इंसुलिन के कम निर्माण से खून में Sugar अधिक हो जाता है।
- जंक फूड भी इसका एक कारण हो सकता है। इस तरह के खाने में फैट अधिक मात्रा में पाया जाता है। इससे शरीर में कैलोरी ज़रूरत से ज़्यादा हो जाती है। इससे आदमी मोटापे का शिकार हो जाता है। मोटापे की वजह से कई बार इंसुलिन उस मात्रा में नहीं बन पाता और शरीर में शुगर लेवल बढ़ जाता है।
- डायबिटीज़ कई बार जेनेटिकल यानी अनुवांशिक कारण से भी होती है। अगर किसी के घर में उसके माता-पिता या भाई-बहन को यह परेशानी है, तो चांसेज होते हैं कि उसे भी ये बीमारी अपना शिकार बना ले। अत: शुगर टेस्ट समय-समय पर कराते रहना चाहिए।
- 4. अगर किसी का अधिक वक्त बैठकर गुजरता है, तो हो सकता है कि वह डायबिटीज का शिकार हो जाए। ऐसा इसलिए कि जब कोई व्यक्ति शारीरिक मेहनत नहीं करता हैं, तो कई बार शारीरिक ऊर्जा कम होने से खून में शुगर जमा होता चला जाता है। यही डायबिटीज़ का रूप धारण कर लेता है। इस बीमारी के बारे में विशेष जानकारी और उचित इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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