- झारखंड के किसानों का इतिहास अन्य राज्यों से अलग : हेमंत
- विश्व आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया संबोधित
- किसानों के लिए 743 करोड़ की योजनाओं का किया गया शुभारंभ
Ranchi: विश्व आदिवासी दिवस पर सोमवार को आयोतिज कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के किसान का इतिहास अन्य राज्यों से अलग है। हमारे पूर्वज इस राज्य के जल, जंगल जमीन को बचाने का संघर्ष उस समय से कर रहे हैं, जब लोगों ने इसका सपना भी नहीं देखा था। आजादी की लड़ाई से पहले से हमारे पूर्वज इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं।कृषि, पशुपालन व सहकारिता विभाग ने किया था कार्यक्रम का आयोजन।
किसान, खेतिहर मजदूर और खेती से जुड़े सभी लोग कहे जाएंगे ‘बिरसा किसान’
सीएम ने कार्यक्रम में घोषणा की कि झारखंड में अब किसानों को नए नाम से जाना जाएगा। यहां अब किसानों और खेतिहर मजदूरों व खेती से जुड़े सभी लोगों को एक नाम- ‘बिरसा किसान’ के नाम से जाना जाएगा।
दूसरे राज्यों से अंडे का इंपोर्ट करना दुर्भाग्यजनक
हेमंत सोरेन ने यहां कहा- ‘यह हमारा दुर्भाग्य है कि हमें अंडा दूसरे राज्यों से इंपोर्ट करना पड़ता है, जबकि यह हमारी पारंपरिक व्यवस्थाएं है। गांव में गाय, बकरी, मुर्गी, सूअर के साथ नीम, बेर, महुआ और मुनगा का पेड़ भी होना चाहिए। यही हमारी पूंजी थी, लेकिन ये कहां गायब हो गई, ये हम समझ ही नहीं पा रहे हैं।’
वनोपज की दर तय कर ने के लिए बन रहा फेडरेशन
सीएम ने कहा- ‘लाह, सिल्क देश में ज्यादा पैदा करने वाला राज्य झारखंड है। हम इसके लिए खूब मेहनत करते हैं। मेहनत करके उत्पादन तो जरूर करते हैं, लेकिन फल दूसरे राज्य के लोग खाते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए फेडरेशन का गठन किया जा रहा है।
पशुधन विकास योजना का किसानों को मिलेगा लाभ
इससे पहले कार्यक्रम में 743 करोड़ के योजनाओं का शुभारंभ किया गया। इसमें 587 करोड़ का KCC किसानों को दिया जाएगा। इसके अलावा 147 करोड़ रुपए से पशुधन विकास योजना के माध्यम से किसानों को दुधारु गाय, बकरी, सुकर, मुप्हा बत्तख आदि खरीदने के लिए 100% तक अनुदान दिया जाएगा।
KCC के लिए 6 लाख आवेदन, 1.25 लाख स्वीकृत
इससे पहले कार्यक्रम में कृषि विभाग के मंत्री बादल पत्रलेख ने बताया कि राज्य में 6 लाख से ज्यादा आवेदन बैंकों को KCC के लिए भेजे गए हैं। इनमें 1.25 लाख आवेदन मंजूर कर लिए गए हैं। 2 लाख 58 हजार 663 किसानों 1032 करोड़ रुपये का ऋण माफ हो चुका है।
जयपाल सिंह मुंडा के साथ केंद्र ने नहीं किया न्याय
कृषि मंत्री ने सीएम से अनुरोध किया कि टोक्यो ओलिंपिंक में हॉकी महिला टीम में शामिल झारखंड की खिलाड़ियों को राज्य सरकार की तरफ से मिलने वाला 50-50 लाख रुपये का सम्मान जयपाल मुंडा के नाम से मिले। केंद्र सरकार ने जयपाल सिंह मुंडा के साथ न्याय नहीं किया है, लेकिन आप उनके नाम को आगे बढ़ाएं।












