Kohramlive : अब घर खरीदना, कार लेना या पर्सनल लोन लेना पहले से आसान और सस्ता हो गया है। ऐसा RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद हुआ। इसके बाद पब्लिक सेक्टर बैंकों ने राहत की सौगात दे दी है। अब RBI ने रेपो रेट को 6.25% से घटाकर 6% कर दिया है। इसका सीधा असर लोन की EMI पर पड़ेगा।
जिन बैंकों ने की है कटौती
पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
- RLLR घटकर 8.85% हो गई है (पहले 9.1%)
- लागू: 10 अप्रैल 2025 से
बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB)
- 1 साल का MCLR घटकर 9%
- ओवरनाइट MCLR घटाकर 8.15%
इंडियन बैंक - RLLR अब 8.7% (पहले 9.05%)
- लागू: 11 अप्रैल 2025 से
बैंक ऑफ इंडिया - RBLR अब 8.85% (पहले 9.1%)
- लागू: 9 अप्रैल 2025 से
क्या होता है RLLR और MCLR? - RLLR (Repo Linked Lending Rate): सीधे RBI की रेपो रेट से जुड़ी होती है। रेपो रेट में बदलाव का तुरंत असर लोन दरों पर दिखता है।
- MCLR (Marginal Cost of Funds-Based Lending Rate): बैंक की आंतरिक लागत के आधार पर तय होती है।
लाभ किसे मिलेगा?
- जिनका होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन RLLR या MCLR से जुड़ा है, उनकी EMI में अब सीधे राहत मिलेगी।
अब क्या करें?
अगर आपका लोन अब भी बेस रेट या MCLR से जुड़ा है, तो आप RLLR पर शिफ्ट होने का विकल्प चुन सकते हैं, ताकि RBI की राहत सीधे आप तक पहुंचे।






