Dhanbad : गरीब रथ ट्रेन में अब हंड्रेड परसेंट कन्फर्म सीट मिलेगी और सफर में यात्रियों को सुविधा होगी। ट्रेन में यात्रियों को आरएसी की सीटें नहीं दी जाएंगी। इसके साथ ही गर्दन झुका कर सफर पूरी करने की झंझट भी खत्म होगी। रेलवे बोर्ड के निदेशक यात्री विपणन संजय मनोचा ने सात नवंबर को ही इससे जुड़ा आदेश जारी कर दिया है।
अक्टूबर 2006 में पहली बार पटरी पर उतरी थी यह ट्रेन
भारतीय रेल में गरीब रथ की शुरुआत तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में साल 2006 में हुई थी। सहरसा से अमृतसर के बीच पांच अक्टूबर 2006 को पहली गरीब रथ दौड़ी थी। बाद में कोलकाता-पटना, रांची-नई दिल्ली, धनबाद-भुवनेश्वर समेत कई रूटों पर गरीब रथ चलने लगी। कम किराए में एसी का सफर कराने वाली इस ट्रेन में दूसरी ट्रेनों की तुलना में साइड में भी तीन बर्थ होती हैं। सामान्य ट्रेनों में आरएसी की सीट मिलने पर नीचे दो यात्री सीट शेयर कर बैठ सकते हैं, लेकिन गरीब रथ में साइड बर्थ में आरएसी सीट मिलने पर यात्रियों को पूरे सफर में काफी परेशानी होती है।
इसे भी पढ़ें :पहली बार किसी राष्ट्रपति का भगवान बिरसा की जन्मस्थली उलिहातू में हुआ आगमन, क्या बोल गईं … देखें
इसे भी पढ़ें :हाथियों की गरज से खौफ में बीती सारी रात, देखें क्या कर डाला…
इसे भी पढ़ें :Jacqueline Fernandez को पटियाला हाईकोर्ट से मिली राहत
इसे भी पढ़ें :किरोन पोलार्ड ने IPL से लिया संन्यास, Mumbai Indians के बैटिंग कोच नियुक्त
इसे भी पढ़ें :मेंहदी की लाली तक नहीं गई, बेटी की हालत देख काठ मार गया बाप को… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें :इसमें मासूम आदया का क्या कसूर था, देखें वीडियो…












