Garhwa(Nityanand Dubey) : जब बारातों की रौनक घुलती है, तब उम्मीद होती है, जश्न, खुशी, और रस्मों की रवायत। मगर उसी रौनक के बीच एक और आवाज उठती है, कान फाड़ू, DJ का शोर। गढ़वा की सड़कों पर शुक्रवार को कोई आम अफसर नहीं था, बल्कि न्याय की मशाल लिये चल रहे थे SDO संजय कुमार। वही संजय, जिनकी नजरें सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि गांवों की धड़कनों तक जाती हैं।
हरदाग मोड़ पर डीजे की गिरफ्तारी
सड़क पर बेसुध बजता डीजे, जो पेशका की बारात में रंग भरने जा रहा था, संजय कुमार की नजर में आ गया। जब डीजे संचालक ने कुतर्क में कहा – “हर जगह बज रहा है, तो मैं क्यों नहीं?” तो जवाब मिला, “हर ग़लत चीज का हिस्सा बनोगे, तो कानून कैसे बचेगा?” यहीं पर डीजे सील हुआ, और संचालक को चेतावनी सहित चाबी लौटाई गई, अब तुम्हारा धंधा तुम्हारी ज़िम्मेदारी है।
झलुआ के पास दूसरा डीजे, दूसरी कहानी
गढ़वा प्रखंड की सीमा में जैसे ही झलुआ के निकट डीजे गूंजा, उसी पल वह भी बंद हुआ और संजय कुमार की निगरानी में उस डीजे को भी उसकी दुकान में सील करवा दिया गया। एक ही वादा लिया गया, अब से सिर्फ कानूनी सुरों में संगीत बजेगा। संदेश साफ था कि डीजे का शोर अगर कानून की आवाज दबायेगा, तो अब कानून की आवाज डीजे का शोर बंद कर देगी।” SDO संजय कुमार ने जोर देकर कहा, “ये सिर्फ कानों का मामला नहीं, ये समाज की शांति और स्वास्थ्य का सवाल है। डीजे की ऊंची आवाजें, झगड़े, शराब और फसाद को जन्म देती हैं।” वहीं, चेतावनी दी गई कि बारात हो या जलूस, डीजे बजा तो होगा केस, और जब्त होगा डीजे।
इसे भी पढ़ें :पार्टी दफ्तर में जोरदार हुआ स्वागत, क्या बोले CM हेमंत… जानें
इसे भी पढ़ें :महज एक घंटे में केस सॉल्व, क्या बोले DSP… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें :महज एक घंटे में केस सॉल्व, क्या बोले DSP… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें :आज भी इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश…












