Hazaribagh(Sunil Sahu) : जहां एक ओर धरती की कोख में छुपा काला सोना वर्षों से देश की ऊर्जा जरूरतों को सींचता आ रहा है, वहीं शनिवार का दिन उस खदान के इतिहास में एक नई इबारत जोड़ गया जब NTPC माइनिंग लिमिटेड ने पकरी बरवाडीह नॉर्थ वेस्ट (PB-NW) कोयला खनन परियोजना का विधिवत उद्घाटन किया। सूरज की पहली किरणों के संग, इस ऐतिहासिक पल की शुरुआत पारंपरिक पूजा और नारियल फोड़ने की शुभ ध्वनि के साथ हुई। जब पहला ओवरबर्डन ट्रक हरी झंडी लेकर अपनी राह पर बढ़ा, तो मानो धरती खुद मुस्कुरा उठी जैसे कह रही हो, “लो, फिर एक बार मेरे गर्भ से उजाले का जन्म हो रहा है।”
इस गौरवपूर्ण अवसर पर NTPC के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (कोयला खनन) नवीन जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ थे पकरी बरवाडीह और PB-NW परियोजना प्रमुख सुब्रत कुमार दाश, जिनकी दृष्टि और नेतृत्व इस मिशन को दिशा देंगे। उद्घाटन समारोह में न सिर्फ NTPC की अन्य परियोजनाओं चट्टी बरियातू, केरेडारी और बादम के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपनी उपस्थिति से इस दिन को खास बना दिया। उनके चेहरों पर उम्मीद की किरणें थीं। रोजगार, विकास और एक नई सुबह की आस।
PB-NW: आंकड़ों में नहीं, सपनों में बसी एक परियोजना
इस परियोजना के गर्भ में 138.96 मिलियन टन कोयले का भंडार है और इसका सालाना उत्पादन लक्ष्य 3 मिलियन टन रखा गया है। लेकिन ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं ये उस ऊर्जा का वादा हैं, जो भारत के घरों में रौशनी लायेगी और उस आत्मनिर्भरता की कहानी, जो भारत को ईंधन के क्षेत्र में सशक्त बनायेगी। 52 वर्षों की लंबी संचालन अवधि के साथ यह परियोजना NTPC की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का मजबूत स्तंभ बनेगी।
खनन नहीं सिर्फ मुनाफे के लिए, बल्कि जमीन से रिश्ते निभाने के लिए
NTPC माइनिंग न केवल सतत खनन प्रथाओं को अपनाता है, बल्कि सामुदायिक सहभागिता, सुरक्षा, और पर्यावरणीय संतुलन को भी अपनी प्राथमिकता मानता है। PB-NW परियोजना से न केवल कोयला उत्पादन को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय समुदायों में सामाजिक और आर्थिक विकास की नई लहर भी उठेगी।








