Kohramlive : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण LPG सप्लाई प्रभावित हुई है और अब कई घरों में Induction चूल्हा नया सहारा बन रहा है। लेकिन हर खाना इसके लिये सही नहीं है। इंडक्शन चूल्हा तेजी से गर्म होता है, लेकिन इसकी तकनीक पारंपरिक गैस चूल्हे से अलग है। यानी, जो काम गैस पर आसानी से हो जाता है, वह इंडक्शन पर उतना आसान नहीं होता।
Induction में इन चीजों से रखें दूरी
इंडक्शन में तापमान तेजी से बदलता है। इससे तेल का सही तापमान बनाये रखना मुश्किल हो जाता है, कभी ज्यादा गर्म, कभी कम, नतीजा, खाना सही नहीं बनेगा, और खतरा भी बढ़ सकता है। गैस की सीधी आंच पर रोटी फूलती है, लेकिन इंडक्शन में लौ नहीं होती। इस वजह से रोटी अक्सर सख्त रह जाती है और स्वाद भी कम हो जाता है। इंडक्शन सिर्फ उन्हीं बर्तनों पर काम करता है जिनमें मैग्नेटिक बेस होता है।
अगर आपने एल्यूमिनियम या सामान्य स्टील का बर्तन रख दिया, तो या तो गर्म नहीं होगा, या बहुत खराब रिजल्ट देगा। इंडक्शन का हीटिंग एरिया सीमित होता है। ऐसे में बड़ी मात्रा में खाना पकाना मुश्किल हो सकता है, ऊपर पका, नीचे कच्चा, ऐसी स्थिति बन सकती है।

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क्या करें ताकि मिले बेहतर रिजल्ट?
• इंडक्शन-फ्रेंडली (मैग्नेटिक बेस) बर्तन ही इस्तेमाल करें
• मध्यम आंच पर खाना पकायें, बार-बार तापमान न बदलें
• हल्के और कम तेल वाले व्यंजन बनाना ज्यादा बेहतर रहेगा
• छोटी मात्रा में खाना पकाने की आदत डालें
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