Garhwa(Nityanand Dubey) : झाड़-फूंक कर अपना पेट पालने वाले छोटू भुईंयां उर्फ छोटू भगत की हत्या के पीछे छुपे राज बेनकाब हो गये। बीते 13 दिसम्बर को भंडार गांव के गोकुलवा खाड़ जंगल में 62 साल के छोटू की डेड बॉडी मिली थी। घातक हथियार से मारकर उसकी हत्या की गई। इस संबंध में मारे गये छोटू भगत की बहू राज पटिया देवी ने धुरकी थाना में केस दर्ज कराई थी। गढ़वा के पुलिस कप्तान ने हत्यारों को खोज निकालने का टास्क SDPO वंशीधर नगर को दिया।
गठित स्पेशल टीम के अनुसंधान के क्रम में पता चला कि जादू-टोना करने वाले छोटू भगत उसके पड़ोसी अंकित सिंह और तेतर सिंह का जानी दुश्मन बन गया था। शंका के आधार पर पुलिस ने इन दोनों को उठा लिया। पूछताछ में दोनों टूट गये और अपना गुनाह कबूल कर लिया। इस कांड में एक नाबालिग भी शामिल था। फरार अंकित भंडरिया के गदगड़ी से और तेतर सिंह भंडार गांव से पकड़ा गया। गिरफ्तार अंकित और तेतर की उम्र करीब 19 साल है।
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