Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा के खरौंधा गांव में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग पिता की अनदेखी की खबर मिलते ही SDO संजय कुमार फरिश्ता बनकर गांव पहुंचे। संपन्न परिवार के मुखिया होने के बावजूद बेटे संपत्ति के लिये झगड़ा कर रहे थे, पिता दवा और देखभाल के लिये तरस रहे थे। 50 किलोमीटर दूर गांव पहुंचे SDO मानवता का बेहतरीन उदाहरण दिखा गये। दोनों बेटों और ग्रामीणों को इकट्ठा कर कड़ी चेतावनी दी, बेटे से कहा, “पिता की देखभाल में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।” वहीं, कहा “माता-पिता जीते-जागते भगवान हैं, उनकी उपेक्षा सबसे बड़ा अपराध है।” दो दिन में परिणाम मिला, बेटे सुधरे और बुजुर्ग पिता को मिलने लगी देखभाल और दवायें। गांव के कुछ लोगों ने कहा, “अफसर हो तो ऐसा, जो इंसानियत को अपना धर्म मानता हो।” कालाबाजारी करने वालों पर भी शिकंजा कस रहा। न्यायप्रिय छवि से और मजबूत पकड़ हुई।








