Chaibasa : झारखंड के घने जंगल एक बार फिर विस्फोट की साजिश से थरथरा उठे। लेकिन इस बार मौत को वक्त रहते पहचान लिया गया। पश्चिमी सिंहभूम और खूंटी की सरहद पर, अड़की थाना क्षेत्र के कोचांग गांव के पास सुरक्षा बलों ने 18 IED बम बरामद कर नक्सलियों की एक बड़ी साजिश नाकाम कर दी।
हर बम में था तीन किलो तबाही का सामान। ये बम न केवल जवानों को निशाना बनाने के लिए बिछाये गये थे, बल्कि उस भरोसे को भी उड़ाने की कोशिश थी जो आम लोग आज भी लोकतंत्र और सुरक्षा में रखते हैं। चाईबासा और खूंटी पुलिस, CRPF, कोबरा और झारखंड जगुआर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया और जंगल में मौत की इस खामोश बिछात को वहीं खत्म कर दिया। बम निरोधक दस्ते ने सारे IED वहीं नष्ट कर दिये। इन विस्फोटकों के पीछे थे भाकपा माओवादी के बड़े नाम मिसिर बेसरा, अनमोल, असीम मंडल और कई दुर्दांत नक्सली। ये सभी सारंडा और कोल्हान के जंगलों में तबाही का खाका लेकर घूम रहे थे, लेकिन इस बार उनकी चाल उलट गई।






