Chaibasa : सेल की खादान प्रबंधन से बतौर लेवी 2 करोड़ रुपये मांगने में वांटेड हाबिल होरो को धर लिया गया। उसके पास से दो लोडेड पिस्तौल, दो जिंदा गोलियां और एक वॉकी टॉकी मिला है। संगठन के नाम के कुछ लेटर पैड भी मिले हैं। गिरफ्तार हाबिल होरो पहले माओवादी था, बाद में उसने पीएलएफआई से नाता जोड़ लिया था। वर्ष 2011 में ओडिशा के बिमलागढ़ में बैंक में डाका डाल चर्चित हुआ था। वहीं वर्ष 2014 में मनोहरपुर के नंदपुर-पोसैता सड़क निर्माण करनेवाले ठेकेदार को हड़का उससे पांच लाख रुपये रंगदारी ले ली थी। उसके नाम अलग-अलग थानों में कई संगीन मामले दर्ज हैं। वह मोस्ट वांटेड था।
यहां याद दिला दें कि बीते 10 जून की रात करीब साढ़े आठ बजे दो लोग सेल की किरीबुरु एवं मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खदान के लोडिंग साइडिंग कार्यालय में आये। दो सेलकर्मियों को बुलाया और उन्हें एक लिफाफा थमाते हुये कहा कि अपने बाप को दे देना। यह लेटर पुलिस तक पहुंच गई। पत्र में दो करोड़ रुपये लेवी मांगी गई थी। यह लेवी भाकपा माओवादी नक्सली संगठन के दक्षिणी छोटानागपुर जोनल कमिटी के नाम पर मांगी गई थी। पत्र में माओवादी अनमोल और चमन के नाम का जिक्र था। लेवी मांगे जाने के बाद से खादान के अधिकारी और कर्मचारी डरे सहमें थे। चाईबासा पुलिस कप्तान ने इस वाक्या को गंभीरता से लिया। इस बीच बीती रात पुलिस कप्तान को गुप्त सूचना मिली कि मोस्ट वांटेड हाबिल होरो आनन्दपुर से मनोहरपुर की तरफ बाइक से जा रहा है। इसके बाद मनोहरपुर के एसडीपीओ दाऊद किड़ो एवं किरीबुरु के एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर घेराबंदी कर मोस्ट वांटेड हाबिल होरो को गिरफ्तार कर यह कामयाबी हासिल की। सुनें क्या बोले एसडीपीओ…
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