Garhwa (nityanand Dubey) : पूर्व भाकपा माओवादी और टीपीसी उग्रवादी भानु सिंह खरवार को उसकी प्रेमिका वृंदा कुमारी के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। गढ़वा एसपी अंजनी झा तक खबरीलाल ने यह सूचना पहुंचाई कि मोस्ट वांटेड उग्रवादी भानु सिंह खरवार इलाके में घूम रहा है। उसके साथ दस्ते के कुछ अन्य सदस्य और माशूका वृंदा भी है। पुलिस कप्तान ने सूचना पर त्वरित कार्रवाई की और छापेमारी के लिए एक टीम गठित कर दी। टीम के लीड करने की जिम्मेवारी मिली रंका के एसडीपीओ सुदर्शन कुमार आस्तिक को। टीम ने रंका थाना इलाके के गांव जून और करी के जंगलों में छापेमारी की। पुलिस को जंलग को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस पर नजर पड़ते ही भानु सिंह खरवार अपनी माशूका के साथ भागने लगा। पुलिस ने दोनों को दौड़ा कर दबोच लिया। गिरफ्तार उग्रवादी और उसकी माशूका के पास से पुलिस ने एक एके-47 राइफल, एक मैगजीन, 20 राउंड गोलियां, एक काला रंग का पाउच, एक देसी कट्टा, दो जिंदा गोली, 7 मोबाइल, पावर बैंक, एक डीसी चार्जर, एक सोलर पैनल, दो बैग, एक डायरी बरामद की गई है। डायरी में लेवी देने वालों का नाम दर्ज है। पुलिस को दिये अपने बयान में दोनों ने कई राज उगले हैं।

भोले-भाले युवक युवतियों को बहला फुसला कर बना रहा था उग्रवादी
पुलिस कप्तान ने बताया कि भानु सिंह खरवार पूर्व में भाकपा माओवादी के सबजोनल कमांडर रह चुका है। 1 अक्टूबर 2016 को आत्मसमर्पण नीति के तहत उसने आत्मसमर्पण किया था। साल 2020 के जून माह में वह जेल से बेल पर बाहर आया था। जेल से निकलने के बाद गांववालों के बीच अपने नाम का दहशत फैलाना शुरू कर दिया। इसके बाद साल 2021 में उसे फिर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। करीब डेढ़ माह जेल में रहने के बाद जब बाहर निकला तो नक्सली संगठन को सक्रिय करने में जुट गया। गांव के भोले-भाले युवक-युवतियों को बहला फुसलाकर संगठन का विस्तार करने लगा। पुलिस के लिए सिरदर्द बनता जा रहा था। उग्रवादी भानु के खिलाफ कुल 14 मामले वीभिन्न थानों की पुलिस फाइल में दर्ज हैं। इनमें सरेंडर करने से पहले 06 और जेल से बाहर आने के बाद 8 मामले दर्ज हैं। रंका, रमकंडा, चिनिया में चल रहे विकास कार्यों के ठेकेदारों और स्थानीय लोगों से लेवी वसूलने का काम करता था। उन्हें डरा-धमका और हड़का कर मोटी रकम वसूल लेता था। भानु सिंह खरवार चिनिया थाना क्षेत्र के एलएनटी कंपनी मजदूरों के साथ मारपीट और लेवी मांगने में शामिल था। तहले में रोड निर्माण कंपनी के साइड पर लेवी के लिए पोस्टर भी चिपकाया था।
सरायनीय रही इनकी भूमिका
मोस्ट वांटेड उग्रवादी भानु सिंह खरवार और उसकी माशूका को धर-दबोचने में रंका एसडीपीओ सुदर्शन कुमार आस्तिक, इंस्पेक्टर राम जी महतो, चिनिया थानेदार वीरेंद्र हांसदा, रमकंडा थानेदार शिवलाल कुमार गुप्ता, रंका थानेदार रामेश्वर उपाध्याय, सब इंस्पेक्टर नीतीश कुमार, मोहम्मद इमरान खान की भूमिका सराहनीय रही।
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