Ranchi (Pawan Thakur): बदले की आग में धधकता दामाद राहुल कुजूर खूनी बन गया। वह अपने ससुर कमल भूषण की हत्या का सूत्रधार निकला। हत्या में पेशेवर शूटर काविश अदमान और मुनव्वर अफाक का इस्तेमाल किया गया। हत्या की साजिश में राहुल का पूरा साथ उसके पिता डब्लू कुजूर और चाचा छोटू कुजूर ने दिया। जमीन कारोबारी कमल भूषण का काम तमाम करने के बाद कांड में शामिल हत्यारे और सूत्रधार कोलकाता भाग गये। वहां से दिल्ली पहुंच गये। मारे गए कमल भूषण के दामाद राहुल कुजूर को यह डर सता रहा था कि ससुर उसे जीने नहीं देगा, जान से मार देगा। राहुल कमल की बेटी यामिनी को लेकर भाग गया था। बाद में दोनों ने लव मैरिज कर ली। इस शादी के बाद बाप बेटी के रिश्ते में खटास आ गयी थी। राहुल यामिनी के पिता कमल भूषण के घर में ही पहरेदार था। वहीं राहुल के पिता डब्लू कुजूर उसके पार्टनर थे। इस बात का खुलासा आज दिल्ली की स्पेशल सेल पुलिस ने किया। स्पेशल सेल के ACP अत्तर सिंह और कर्मबीर सिंह की देखरेख में चली छापेमारी में उक्त चारों मोस्ट वांटेड दिल्ली के गाजीपुर में पकड़े गए। छापेमारी में रांची पुलिस की SIT टीम भी शामिल थी। गिरफ्तार शूटर काविश नामकुम थाना क्षेत्र के आज़ाद कॉलोनी और मुनव्वर अफाक लोअर बाजार थाना क्षेत्र के कांटा टोली चौक के पास (सिंडिकेट बिल्डिंग के करीब) रहता है। सूत्रधार राहुल कुजूर और उसके पिता डब्लू कुजूर का घर रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के हेहल बस्ती में है। इन चारों को पकड़ने में स्पेशल सेल, दिल्ली के इंस्पेक्टर शिव कुमार की सराहनीय भूमिका रही। मारे गये कमल के बेटे के बयान पर सुखदेवनगर थाने में मर्डर केस दर्ज है। दर्ज FIR में राहुल और उसके पिता डब्लू को नामजद अभियुक्त ठहराया गया हैं।
यहां याद दिला दे कि 30 मई को रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के रातू रोड में गैलेक्सी मॉल के पास इको कार में सवार कमल भूषण को गोलियों से भून दिया गया था। तब कमल के साथ उसका ड्राइवर और एक निजी बॉडीगार्ड भी था। जमीन कारोबारी के पास लाइसेंसी पिस्टल और राईफल थी। कमल और निजी गार्ड को पिस्टल एवं राईफल निकालने तक का मौका नहीं मिला था। कमल को कुल 5 गोलियां मारी गई थी। यह परी वारदात CCTV में कैद हो गई थी। दिल्ली स्पेशल सेल के DC जसमीत सिंह ने खुलासा किया कि रांची पुलिस कप्तान सुरेंद्र कुमार झा ने हत्यारो को पकड़ने के लिए एक SIT का गठन किया था। झारखंड पुलिस की टीम दिल्ली आयी थी। झारखंड पुलिस की SIT और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने साझा अभियान चलाकर सूत्रधार राहुल कुजूर उसके पिता डब्लू कुजूर और इस कांड में शामिल शूटर काविश अदमान और मुनव्वर अफाक को गिरफ्तार कर लिया। स्पेशल सेल के तेज तर्रार और जाबांज पुलिस अफसर ACP अत्तर सिंह और कर्मबीर सिंह के बिछाये जाल में मोस्ट वांटेड धरे गये। गिरफ्तार राहुल ने दिल्ली पुलिस को बताया कि बीते 22 अप्रैल को रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के सदाबहार चौक के पास उसपर गोलियां चलाई गई थी। तब वह अपनी पत्नी यामिनी के साथ fortuner गाड़ी में था। राहुल और यामिनी का यह इल्जाम है कि यह गोलियां कमल भूषण के इशारे पर चलाई गई थी। तब दोनों पति पत्नी बाल-बाल बच गए थे। उसी समय राहुल ने ठान लिया था कि वह अपने ससुर कमल भूषण को किसी हालत में नहीं छोड़ेगा, उसे मार कर ही दम लेगा। कमल भूषण के एक करीबी को भी उसने अपने विश्वास में ले लिया था। ताकि उसके मूवमेंट की जानकारी उसे मिलती रहे। इधर रांची पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने गिरफ़्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी कुछ भी बताना बहुत जल्दबाजी होगी।
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